
पांच महीने से वेतन नहीं मिलने पर महिलाओं द्वारा एक दिन पहले साकेत का घेराव
कोरबा . डोर टू डोर कचरा उठाने वाली महिला स्व सहायता समूह की सदस्योंं ने शनिवार को घंटाघर चौक से निगम कार्यालय साकेत तक रैली निकाल कर विरोध जताया। पांच महीने से वेतन नहीं मिलने पर महिलाओं द्वारा एक दिन पहले साकेत का घेराव किया गया था
नगर निगम के 67 वार्डों में डोर टू डोर कचरा संग्रहण करने में लगे 500 से ज्यादा महिला सफाई कर्मियों को पांच माह से वेतन नहीं मिला है। जीविकोपार्जन की समस्या खड़ी हो गई है। महिला सफाई कर्मियों का कहना है कि पांच हजार रुपए प्रतिमाह की दर से वेतन भुगतान देने की बात कही गई थी लेकिन ठेकेदार द्वारा शुरुआत में महज 2600 रुपए प्रतिमाह दिया गया। वर्तमान स्थिति यह है कि उन्हें पांच माह से वेतन नहीं मिल पाया है। वेतन नहीं मिलने से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।
शनिवार को कचरा संग्रहण ठप कर कलेक्टर दर से वेतन भुगतान की मांग को लेकर महिला सफाई कर्मियों ने घंटाघर से निगम कार्यालय तक रैली निकाली। पुन: साकेत भवन के सामने सफाई कामगारों ने धरना दिया। इस दौरान पार्षद अमरनाथ अग्रवाल सहित अन्य पार्षदों ने भी महिलाओं को समर्थन दिया और निगम से जल्द वेतन दिलाने की बात कही। सफाई कर्मचारियों ने शनिवार को काम बंद रखा। वेतन के लिए आंदोलन जारी रहेगा।
लोग नहीं दे रहे शुल्क
महिलाओं को कचरा संग्रहण के बदले भूस्वामियों द्वारा हर महीने शुल्क नहीं दिया जा रहा है। शहर से महज 15 फीसदी जगहों से पैसा निगम को मिल रहा है। समूहों के सदस्यों को शुरूआत तीन से चार महीने तक पांच-पांच हजार रूपए वेतन तय किया गया था। जबकि इसके बाद घरों से उठाने वाले कचरे के शुल्क के आधार पर उनका वेतन तय होना है। लेकिन शुल्क नहीं आने की वजह से यह स्थिति सामने आ रही है। महिलाएं परेशान हैं।
निगम नहीं कर रहा पहल
इस समस्या को हल करने के लिए निगम द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। महिलाओं का कहना है कि सफाई और महिलाओं को समय पर वेतन मिले इसके लिए निगम को प्रयास करना चाहिए।
Published on:
29 Apr 2018 10:50 am
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