इस कारण नगरीय निकाय, पंचायत चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा है। चुनाव में भाजपा के हार का प्रमुख कारण सत्ता पक्ष और संगठन में दूरी है। प्रदेश में सत्ता पक्ष और संगठन अलग-अलग चल रहे हैं। पार्टी के जनाधार को बरकरार रखने के लिए संगठन के पदाधिकारी व सत्ता पक्ष में संवाद, समंवय बहुत ही जरूरी है। जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की उपेक्षा नहीं की जाएगी। बेहतर कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाएगा।