पहाड़ के नीचे स्थित करीब 100 साल पुराने सिद्ध बाबा दैवीय और दार्शनिक स्थल में श्रद्धालुओं को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलता है। निगम प्रशासन ने पानी के लिए टंकी का निर्माण कराया है लेकिन पानी सप्लाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। जबकि सिद्ध बाबा मंदिर में चैत्र नवमी, नागपंचमी, मकर संक्रांति और शिवरात्रि में मेला और भंडारा का आयोजन किया जाता है।