वनपरिक्षेत्र खडग़वां एरिया का मामला, कोरिया व कटघोरा वनमंडल बॉर्डर से २ किलोमीटर दूर चला गया था, हाथी दल के चलने से १६ किसानों की फसल को नुकसान हुआ।
बैकुंठपुर। कोरिया में विचरण करने वाला ४२ हाथियों का दल शनिवार आधी रात को कटघोरा वन मंडल के जंगल चला गया। लेकिन भोर में दोबारा कोरिया में लौट गया है। एक साथ ४२ हाथियों के दल के चलने से १६ किसानों की धान की फसल को नुकसान है। मामले में वन अमला लगातार निकरानी में जुटा हुआ है।
जानकारी के अनुसार हाथियों का दल शनिवार को दिनभर कोरिया वन मण्डल के परिक्षेत्र खडग़वां सर्किल पोंड़ी के जंगल में डेरा जमाया हुआ था। कोटेया बीट के कक्ष क्रमांक पी-648 साहीमाड़ा में दिनभर विश्राम करने के बाद शाम को इधर-उधर निकल पड़ा। वहीं रात १०-१२ बजे तक कोरिया वनमण्डल सीमा क्षेत्र से कटघोरा जंगल में पहुंच गया। वन सीमा क्षेत्र से करीब 2 किलोमीटर कटघोरा वनमण्डल के परिक्षेत्र केंदई बीट छिंदिया में लोकेशन मिला। हाथी दल ग्रामीणों के खेत में धान फसल को चर रहे थे। जो रातभर से विचरण कर भोर में कोरिया वन सीमा में दोबारा लौट गया है। रविवार सुबह कोरिया वन मण्डल परिक्षेत्र खडग़वां सर्किल पोंडी बीट कोटेया के जंगल में डेरा डाला है। रातभर चलने के कारण १६ किसानों की फसल और एक मकान को ढहाकर नुकसान पहुंचाया है। ग्राम काशाबहरा में विचरण कर धान, कोदो, तिल की फसल को रौंद दिया है। वर्तमान में लोकेशन हाथियों का दल केंदई परिक्षेत्र के बीट छिंदिया के जंगल में विश्राम कर रहा है। यह एरिया कोरिया व कोरबा वन सीमा से लगा हुआ है।
एक मकान को ढहाया, खडग़वां वन अमला आंकलन में जुटा
वनपरिक्षेत्र खडग़वां के अनुसार ४२ हाथियों का दल कटघोरा वनमण्डल के जंगल से होकर आगे निकल सकता है। या कोरिया वन सीमा के ग्राम मुगुम, खैर बहरा, काशाबहरा, धनपुर के जंगल में दोबारा लौट सकता है। मामले में वन परिक्षेत्र खडग़वां के सकड़ा सर्किल, पोंडी के कर्मचारी २४ घंटे हाथी दल की निगरानी में जुटे हुए हैं। हाथी प्रभावित सहित आसपास के गांवों में ग्रामीणों को हाथी के नजदीक नहीं जाने एवं जंगल नहीं जाने की समझाइश दी जा रही है। साथ ही हाथियों के चलने से १६ किसानों की फसल नुकसान और एक मकान को गिराने के बाद मुआवजा प्रकरण करने आंकलन में जुटे हुए है।