
Patthalgadi
पटना. पत्थलगड़ी को लेकर आजकल केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि मध्यप्रदेश व एक अन्य राज्य में भी बवाल मचा हुआ है। जिस क्षेत्र में पत्थलगड़ी है वहां आदिवासी समाज के अनुसार शासन-प्रशासन का प्रवेश भी वर्जित है। इसके अलावा संसद व विधानसभा का कानून भी यहां लागू नहीं होता है।
ऐसा ही मामला कोरिया जिले के बैकुंठपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत रामपुर में भी देखने को मिला। ग्राम पंचायत रामपुर परिसर में पत्थर गाड़कर अनावरण कर सीमा में प्रवेश करने पर चेतावनी लिखी गई है।
कोरिया जिले के बैकुंठपुर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत रामपुर में भी संविधान की पांचवी अनुसूची के नियम उपबंधों का उल्लेख किया गया है। इसमें ग्रामसभा को सर्वोच्च और समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के वाद निर्णय सार रूप में बताया गया है। इसे पारंपरिक गांव राज्य सरकार का नाम दिया गया है।
इसमें विभिन्न धाराओं का उल्लेख किया गया है तथा इस सीमा में किसी भी गैर रुढ़ी प्रथा के व्यक्ति के मौलिक अधिकार लागू नहीं हैं। उस क्षेत्र में ग्रामसभा की अनुमति के बिना आम आदमी ही नहीं शासन प्रशासन के लोग भी प्रवेश नहीं कर सकते है। यहां तक कि संसद या विधानसभा का भी कोई कानून लागू नहीं होगा। बल्कि गावं का फैसला सर्वमान्य होगा।
सर्व आदिवासी समाज कोरिया द्वारा रामपुर में 26 फरवरी 2018 को एक दिवसिय सांस्कृतिक, संवैधानिक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया था। जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी वर्ग के लोग जुटकर कार्यक्रम में पत्थरगड़ी का अनावरण किया गया था।
अपने समाज के लोगों के लिए लिखा गया है
अपने समाज के लोगों के लिए लिखा गया है जो ज्यादा पढ़े लिखे नहीं है और उन्हें कानून की अधिक जानकारी नहीं है। कुछ सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट जो अनुसुचित जनजाति के पक्ष में सुनाए गए है, उसकी जानकारी लिखी है, ताकि लोगों को कानूनी जानकारी मिले और जन जागरूकता आ सके। लिखे गए सावधान के बारे में मुझे पूरी जानकारी नहीं है। ये समाज के पदाधिकारी ही बता पाएंगे।
राय सिंह, पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत रामपुर
Published on:
07 May 2018 03:18 pm
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