यूं तो गैस कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे स्वयं अधिकृत उपभोक्ता के घर जाकर जांच करे, लेकिन उपभोक्ता भी अपने वितरक को सूचना देकर अपने यहां जांच करवा सकता है। जांच के लिए वितरक का मैकेनिक उपभोक्ता के घर पर आकर गैस चूल्हा, रबर पाइप, रेगुलेटर, सिलेंडर तथा संबधित सभी उपकरणों की बारीकी से जांच करता है। वह उपभोक्ता को रसोई गैस के सुरक्षित उपयोग की जानकारी देता है।