विदा होता मानसून हाड़ौती अंचल को पिछले एक सप्ताह से लगातार तर कर रहा है। सावन सूखा बीतने के बाद भादो में बादल जमकर बरस रहे हैं। शुक्रवार रात से जारी बारिश का दौर दूसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा। मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए। कई रास्ते अवरुद्ध हो गए। बांधों के गेट खोलने पड़े हैं।
कोटा में तेज हवा संग मूसलाधार बारिश हुई। बारिश का दौर सुबह 6 बजे से 7.30 बजे तक चला। लोग सुबह उठे तो चारों तरफ झमाझम बारिश हो रही थी। सड़कों पर पानी बह निकला। स्कूली बच्चे रैनकोट पहनकर पहुंचे। कई इलाकों में पानी भर गया। उसके बाद मौसम खुल गया। दोपहर में कुछ देर के लिए दो बार तेज बारिश हुई। इससे मौसम में ठंडक घुल गई। मौसम खुशनुमा हो गया। चम्बल के कैचमेंट एरिया में मूसलाधार बारिश से कोटा बैराज के 2 गेट खोलकर 7598 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। कोटा में पिछले 24 घंटों में 30 एमएम बारिश दर्ज की गई।
कोटा जिले के सुकेत की पाटली नदी में पानी की आवक शुरू हो गई। जिले के कई इलाकों में बारिश हुई। रामगंजमंडी में 2 इंच बारिश दर्ज की गई। मध्यप्रदेश में हो रही तेज बारिश की वजह से ताकली बांध के सभी 13 गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू की गई है। इधर, किसानों ने बताया कि लगातार बारिश होने से सोयाबीन की फलियां फूलकर बिखर जाएंगी। उड़द की कटाई शुरू हो चुकी है। नया उड़द मंडी में भी आने लगा है। अगर बारिश लगातार जारी रही तो उड़द की फसल को भी नुकसान होगा।
खंडिया व नया तालाब में चादर चली
झालावाड़ शहर समेत जिलेभर में मूसलाधार बारिश होने से खंडिया व नया तालाब में चादर चल गई। वहीं गांवड़ी तालाब में भी पानी की जोरदार आवक हुई। सबसे ज्यादा बरसात डग व चौमहला में हुई। दोनों जगह 150 एमएम से अधिक बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा पिड़ावा में 145, बकानी में 132, पचपहाड़ में 106, गंगाधर में 97, सुनेल में 82, अकलेरा में 57, असनावर में 56, रायपुर में 53, झालरापाटन में 48, झालावाड़ में 38, खानपुर में 26 और मनोहरथाना में 23 मिमी बरसात दर्ज की गई।
ये नदियां उफान पर
रटलाई में उजाड़ नदी, पिडावा में चंवली नदी उफान पर आ गई। चौमहला के कोल्वी रोड पर स्थित मां दुर्गा मंदिर में शिवलिंग जलमग्न हो गया। यहां छोटी कालीसिंध नदी उफान पर रही।
इन बांधों के गेट खुले
झालावाड़ के भीमसागर बांध के दो गेट खोलकर 33 हजार क्यूसेक पानी की निकासी शुरू की गई। मिश्रोली क्षेत्र में राजगढ़ बांध के दो गेट खोले गए। छापी बांध के 2 गेट खोलकर 2791 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। गागरीन बांध भरने के बाद चादर चलने लगी। चंवली बांध में पानी की जोरदार आवक हो रही है। यह अभी करीब तीन मीटर खाली है।
रह-रहकर बरसते रहे बादल
बारां जिले में बादल रह-रहकर बरसते रहे। शहर में शुक्रवार रात से लेकर शनिवार शाम तक कई बार बरसात हुई। बारां शहर, अंता, सीसवाली, किशनगंज, भंवरगढ़, शाहबाद में बारिश हुई।
जिले में सुबह हुई झमाझम बारिश
बूंदी शहर सहित जिलेभर में झमाझम बारिश हुई। सुबह साढ़े छह बजे से बरसात का दौर शुरू हुआ, जो नौ बजे तक रुक-रुक कर चलता रहा। सड़कों पर पानी जमा हो गया। अभिभावकों व ऑटो चालकों को बच्चों को स्कूल में ले जाने में मशक्कत का सामना करना पड़ा। नोताड़ा, कापरेन, करवर, रामगंजबालाजी, डाबी, बरूंधन, भंडेड़ा सहित कई जगहों पर भी तेज बारिश होने से किसान खुश नजर आए। सुबह आठ बजे तक बूंदी 15, के.पाटन में 2, इन्द्रगढ़ में 9, नैनवां में 3, हिण्डोली में 10 एमएम बारिश दर्ज की गई।