
फिर दिखा चम्बल का रोद्र रूप, 3 लाख क्यूसेक पानी की निकासी, 97 परिवार सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किए
कोटा। चम्बल नदी पर बने बांधों में पानी की आवक को देखते हुए कोटा बैराज से बुधवार को करीब 3 लाख क्यूसेक पानी की निकासी की गई है। चम्बल किनारे बसी बस्तियों में पानी की आवक को देखते हुए प्रशासन द्वारा को आम नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का आह्वान करते हुए अस्थाई आवास के लिए भवन चिन्हित किए हैं। करीब 97 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।
जिला कलक्टर मुक्तानन्द अग्रवाल ने बताया कि राजस्थान व मध्यप्रदेश के चम्बल नदी के बहाव क्षेत्र में लगातार वर्षा से पानी की आवक बनी हुई है। गांधी सागर बांध से 2 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण एहतियात के तौर पर कोटा शहर की चम्बल किनारे बसी निचली बस्तियों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा निरन्तर निगरानी रखकर मौका मुआयना भी किया जा रहा है। अतिरिक्त कलक्टर शहर आरडी मीणा ने कोटा बैराज के समीप कुन्हाड़ी, सकतपुरा के आवासीय क्षेत्रों में मौके पर जाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का आह्वान किया।
नगर निगम की कार्यवाहक आयुक्त कीर्ति राठौड़ ने बताया कि कोटा बैराज से चम्बल नदी में पानी छोडे जाने से प्रभावित क्षेत्रों में नगर निगम की टीम द्वारा मुनादी करवाकर लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। उन्होंने बताया कि निगम की टीम द्वारा खाई रोड के सहारे नाले के साथ लगी बस्ती से पांच परिवारों, चम्बल की निचली पुलिया चम्बल ब्रिज से नीचे जाने वाले रोड से 22 परिवार, हनुमानगढ़ी कुन्हाड़ी से 8 परिवारों, बापू नगर कुन्हाड़ी से 15, गांवडी के घाट से 20, नयापुरा हरिजन बस्ती व दोस्तपुरा से 27 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर भोजन आदि की व्यवस्था की गई है।
मुनादी के बाद मुश्किल से जाने को हुए तैयार
कोटा. कोटा बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोडऩे के साथ बुधवार को जिला प्रशासन ने दुबारा आम नागरिकों को बहाव क्षेत्र में दूर रहने की चेतावनी जारी की। वहीं निचली बस्तियों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मुनादी कराई। कुन्हाड़ी क्षेत्र में संत तुकराम सामुदायिक भवन में ठहरने की व्यवस्था की गई, लेकिन दोपहर तक कोई नहीं पहुंचा। शाम को अधिकारी फिर बस्तियों में घूमे और फिर समझाइश करके परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। नयापुरा में कई सरकारी स्कूल और सरकारी भवनों में अस्थाई ठहराव की व्यवस्था कराई है।
Published on:
28 Aug 2019 08:31 pm
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