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घूस के पैसों से बेशूमार दौलत बनाने वाले सहीराम को कोर्ट ने दिया बड़ा झटका

आरोपियों के खिलाफ प्रसंज्ञान लेकर कार्रवाई जारी रखने के आदेश  
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कोटा

•

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Rajesh Tripathi

•

Jan 28, 2020

घूस के पैसों से बेशूमार दौलत बनाने वाले सहीराम को कोर्ट ने दिया बड़ा झटका

घूस के पैसों से बेशूमार दौलत बनाने वाले सहीराम को कोर्ट ने दिया बड़ा झटका

कोटा. एसीबी विशिष्ट न्यायालय के न्यायाधीश प्रमोद कुमार मलिक ने नारकोटिक्सविभाग कोटा के करोड़पति डिप्टी कमिश्नर सहीराम मीणा व अन्य की रिश्वत लेने के मामले में डिस्चार्ज करने की याचिका खारिज कर आरोपित अपराधों में प्रसंज्ञान लेने के लिए आदेश पारित किए।

प्रकरण के तथ्यों के अनुसार एसीबी द्वारा सर्विलांस पर लिए गए मोबाइल पर हुई वार्ता रिकॉर्ड की गई। इसके अनुसार 26 जनवरी 2019 को गणतंत्र दिवस पर झंडारोहण करने के बाद सहीराम अपने राजकीय आवास पहुंचा। जहां सहअभियुक्त कमलेश के पिता को लम्बरदार बनाने के लिए सहआरोपी कमलेश से एक लाख रुपए रिश्वत राशि प्राप्त करते हुए एसीबी द्वारा ट्रेप किया गया। उसके आवास की तलाशी में 3 लाख 95 हजार रुपए अतिरिक्त राशि भी बरामद हुई। इसके अलावा उसके जयपुर आवास की तलाशी लेने पर 2 करोड़ 35 लाख रुपए नकद, लॉकर, जेवर, कृषि व आवासीय भूखंड, उसकी पत्नी, पुत्रवधू एवं पुत्र के नाम के दस्तावेज, पेट्रोल पंप, मेरिज गार्डन, विवेकानंद एज्युकेशन सोसायटी का रजिस्ट्रेशन, दिल्ली एवं मुम्बई में फ्लेट्स के दस्तावेज व सम्पत्तियां भी मिली। इस बारे में संतोषप्रद जवाब व हिसाब नहीं देने पर आरोपी सहीराम मीणा के विरूद्ध प्रथक से भ्रष्टाचार निरोधक (संशोधन) अधिनियम की धारा 13(1)(बी), 13(2) व आईपीसी की धारा 467, 468, 471 व 120 बी के तहत विचाराधीन है।

रिश्वत लेने के मामले में एसीबी न्यायालय को प्रकरण की सुनवाई की क्षेत्र अधिकारिता नहीं होने, अपूर्ण चार्जशीट पेश करने आदि आधारों पर डिस्चार्ज करने की प्रार्थना के साथ आरोपी सहीराम मीणा वगैरह की ओर से प्रस्तुत प्रार्थना पत्र को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम द्वारा खारिज करते हुए आरोपियों के खिलाफ अपराधों में प्रसंज्ञान लेकर प्रकरण की कार्रवाई जारी रखने के आदेश दिए गए।