
ग्राम बोरिना में भगवान लक्ष्मीनाथ के नवनिर्मित मंदिर के निमित्त आयोजित श्रीमद् भागवत कथा की शनिवार को पूर्णाहुति हुई। इस धार्मिक अनुष्ठान में बोरिना सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूर्णाहुति पर सुबह 9 बजे हवन-पूजन प्रारंभ हुआ। जिसमें यजमानों ने आहुतियां देकर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। दोपहर 12 बजे कथा का अंतिम सत्र शुरू हुआ, जिसका समापन शाम 4 बजे महाआरती के साथ हुआ। इस अवसर पर कथावाचक पंडित देवीचरण शर्मा ने श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता का मार्मिक प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि स्वार्थ के रिश्ते टिकते नहीं हैं, केवल निस्वार्थ प्रेम और श्रद्धा का रिश्ता ही लंबे समय तक चलता है। भगवान से कोई न कोई रिश्ता जोड़ लें, उसे निभाने की जिम्मेदारी स्वयं द्वारकाधीश की है। कथावाचक ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि जब तक मंदिर पूर्ण होकर उसमें भगवान श्रीलक्ष्मीनाथजी विराजमान नहीं हो जाते, तब तक सभी ग्रामीण एकजुट होकर पूर्ण लगन और श्रद्धा से सहयोग करें।
शोभायात्रा में झूमे भक्त
कथा के उपरांत भगवान का विमान और श्रीमद् भागवत महापुराण की शोभायात्रा निकाली गई। यह यात्रा गाजे-बाजे के साथ गांव के मुख्य मार्गों से भ्रमण करती हुई लक्ष्मीनाथ भगवान के मंदिर पहुंची। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु भजनों पर जमकर थिरके और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। अंत में भंडारे में श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर प्रसादी ग्रहण की।
सरोपा भेंट किया
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी रावतभाटा ब्रजमोहन यादव और पूर्व मुल्की पंचायत अध्यक्ष बसन्तीलाल अहीर रहे। जिसका श्याम बिहारी अहीर ने माला पहना, तिलक लगाकर और सरोपा भेंट कर स्वागत किया।
Published on:
31 Jan 2026 08:11 pm

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