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कोटा के कैथून चौमा बीबू गांव के किसान पुखराज मीणा पुत्र कालूलाल मीणा) ने पढ़ाई पूरी करने के बाद वैज्ञानिक खेती को अपनाने का निर्णय लिया। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी लेकर राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत खेती शुरू की।
पुखराज मीणा की सफलता को देखकर गांव ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के किसान भी उनसे जानकारी लेने आ रहे हैं। इस योजना से गांव के मजदूरों को भी रोजगार मिल रहा है और नुकसान की संभावना काफी कम रहती है।
पुखराज मीणा ने वर्ष 2016 में गांव में सरकारी मापदंडों के अनुसार 2016 वर्ग मीटर क्षेत्र में पॉली हाउस (ग्रीन हाउस/शेड नेट हाउस) का निर्माण करवाया। इस परियोजना पर कुल लागत 22,09,980 रुपए आई, जिसमें से 17,04,528 रुपए का सरकारी अनुदान मिला, जबकि किसान का अंशदान 5,05,452 रुपए रहा।
पॉली हाउस में उन्होंने पहली फसल खीरे की ली, जिसमें उन्हें भरपूर उत्पादन मिला। खीरे की फसल बोने के लगभग 40 दिन बाद तुड़ाई शुरू हो जाती है। एक बार की तुड़ाई में 8 से 10 क्विंटल खीरा निकलता है, जिसे कोटा मंडी में 250 से 300 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से बेचा जाता है। सप्ताह में तीन दिन तुड़ाई होती है और एक बार फसल शुरू होने के बाद लगभग 150 दिनों तक उत्पादन मिलता रहता है।
योजना के अंतर्गत ड्रिप सिंचाई प्रणाली भी लगाई गई है। पुखराज मीणा ने बताया कि खीरे को दिल्ली और मुंबई जैसी मंडियों में भेजकर अधिक दाम भी प्राप्त किए जा सकते हैं। खीरे की बैलों को अंगूर की तरह डोरियों से सहारा देकर उत्पादन बढ़ाया जा रहा है।
Updated on:
31 Jan 2026 02:48 pm
Published on:
31 Jan 2026 02:48 pm
