
Achievement: open surgery of pregnant Woman's Brain tumor
एमबीएस अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग में एक गर्भवती के ब्रेन ट्यूमर की सफल सर्जरी की गई है, गर्भवती को सर्जरी के बाद इंफेक्शन से बचाने के लिए डॉक्टरों ने टेलीस्कोप की मदद से ओपन सर्जरी की है।
डॉक्टरों का दावा है कि प्रदेश में पहली बार पहली बार वीडियो टेलीस्कोपिक ऑपरेटिंग मॉनिटर (वीटोम) तकनीक से दिमाग की सर्जरी हुई है। न्यूरोसर्जन डॉ. एसएन गौतम ने बताया कि 20 वर्षीय महिला सिरदर्द, चक्कर, चलने में असंतुलन और दौरे आने की समस्या से पीडि़त होकर पहुंची थी। उसकी जांच में दिमाग के पिछले हिस्से में क्रेनियल नर्ब 5 से 10 के बीच गांठ मिली, जिससे ब्रेन स्टेम पर दबाव पड़ रहा था। सर्जरी ही विकल्प होने से मरीज व गर्भस्थ शिशु के लिए खतरे की जानकारी दी। परिजनों की सहमति पर 28 अप्रेल को यह सर्जरी तीन घंटे में पूरी हुई।
एेसे किया ऑपरेट
चिकित्सकों ने मरीज के सिर के पिछले हिस्से में एक रुपए के सिक्के के बराबर का छेद कर हड्डी हटाई। इसके बाद दूरबीन को उसके ऊपर फिक्स कर दिया, इससे ट्यूमर मॉनिटर पर साफ दिखने लगा। इसकी मदद से ही क्रेनियल नर्ब को सुरक्षित रख गांठ को टुकड़े कर बाहर निकाला। इस तकनीक से मरीज के रक्तस्त्राव व संक्रमण का खतरा कम रहा और छोटे चीरे से सर्जरी संभव हुई। ऑपरेशन के बाद मरीज व गर्भस्थ शिशु दोनों स्वस्थ हैं।
यह था खतरा
डॉ. गौतम ने बताया कि ओपन सर्जरी के बिना ऑपरेट करने से नसों के दबने से मुंह टेड़ा, आंख खराब होना, निगलने की परेशानी और छाती में इंफेक्शन के साथ गर्भस्थ शिशु को भी नुकसान होने की आशंका थी। ऑपरेशन में एनेस्थिसिया के चिकित्सकों ने भी बेहोशी की दवा गर्भवती व गर्भस्थ शिशु को ध्यान में रखकर दी। आपरेशन में निश्चेतना विभाग के डॉ. मुकेश सोमवंशी, डॉ. उषा दरिया, डॉ. ममता शर्मा, डॉ. सीमा और न्यूरोसर्जरी के रेजीडेंट डॉ. प्रकाश मीणा ने सहयोग किया।
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