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अग्रसेन जयंती विशेष: पांच हजार साल पहले ही शुरू कर दिया था- ‘सबका साथ सबका विकास’

Agrasen Jayanti Special यूं ही नहीं कहते समाजवाद का अग्रदूत जानिए महाराजा अग्रसेन से जुड़ी कहानी...'एक ईंट और एक मुद्रा' का सिद्धांत

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कोटा

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Suraksha Rajora

Sep 29, 2019

अग्रसेन जयंती विशेष: पांच हजार साल पहले ही शुरू कर दिया था- 'सबका साथ सबका विकास'

अग्रसेन जयंती विशेष: पांच हजार साल पहले ही शुरू कर दिया था- 'सबका साथ सबका विकास'

कोटा. महाराजा अग्रसेन अतीत के ऐसे गौरवशाली महापुरुष है जिनका नाम आज भी सर्वज्ञात एवं अमिट-अमर है। भारत एवं विश्व में अग्रणी समाजों में अग्रवाल समाज के प्रणेता महाराजा अग्रसेन को इस बात का श्रेरू प्राप्त है कि उन्होंने आज के युग के प्रचलित सिद्धांतों-लोकतंत्र, समता, समाजवाद, सहकारिता, अंत्योदय, निर्धनता उन्मुलन, सत्य, अंहिसा और सबका साथ सबका विकास जैसे आदर्शों की नींव अज के लगभग 5100 वर्ष पूर्व उस समय रख दी थी जब इनकी कल्पना भी संभव नहीं थी।


एक ओर जहां महाराजा अग्रसेन ने अपने तत्कालीन राज्य अग्रोहा में 'एक ईंट और एक मुद्राÓ का सिद्धांत का सूत्रपात कर सबका साथ सबका विकास को सुनिश्चित सार्थक किया। वहीं उनके वंशज अग्रवाल समाज के लोग आज देश एवं विश्व में आर्थिक विकास और उद्यमशीलता, कठोर परिश्रम पर संपूर्ण बल देते हुये भारत को महाशक्ति बनाने में अपना संपूर्ण प्रयास कर रहे हैं। अपने कारोबार एवं सेवा कार्यों से 'अग्रे अग्रे अग्रवाल-अग्रे अग्रे भारतÓ एक रूप हो गये है।

आज हजारों की संख्या में जनकल्याणकारी आर्थिक, शैक्षणिक, औद्योगिक, व्यवसायिक संस्थान महाराजा अग्रसेन के नाम है। असंख्य अग्रवाल विभूतियों ने इतिहास और वर्तमान में सभी क्षेत्रों में अपने बहुमूल्य योगदान तथा उपलब्धियों का रिर्कार्ड कायम किया है। अग्रबंधु अपने परिवार और समाज को निभाते हुए देश के सांस्कृतिक संरक्षण व विकास की दृष्टि से सरकार द्वारा बनाई योजनाओं में अपना योगदान देते आए हैं।

महाराज अग्रसेन गौपूजक व गौपालक थे

महाराज अग्रसेन महान प्रजापालक, समाजवादी, धर्मरक्षक एवं मानव संस्कृति के उन्नायक थे। वे गौपूजक और गौपालक भी थे। विविध वाणिज्यिक कर्मों के अतिरिक्त कृषि एवं गोपालन उनके राज्य अग्रोहा के वैभव में वृद्धि करने वाले व्यवसाय थे। कृषि में गोधन के महत्व के साथ-साथ हष्ट-पुष्ट स्वस्थ मानव जीवन में गाय के दूध एवं इससे निर्मित पदार्थों के सेवन के महत्व .... मानते थे।

प्रकृति एवं पर्यावरण संतुलन में भी गोवंश को महत्वपूर्ण मानते हुये वो गाय के ईश्वरीय गुणों के उपासक थे। यही कारण है कि हजारों वर्षों से अग्रवाल समाज गायों के प्रति विशेष आस्था बनाये रखे हुये है। सम्पूर्ण देश में हजारों गौशालाओं के संचालन में अग्रजनों का सहभागी होना इसका सिद्ध प्रमाण है।

परिचय सम्मेलन का पर्याय बन गया है अग्रसेन सोशल ग्रुप
कोटा शहर में अग्रवाल समाज की वैसे तो बहुत संस्थाएं सेवारत है, परंतु मात्र दस वर्षों में श्री अग्रसेन सोशल ग्रुप अग्रवाल समाज में युवक-युवति परिचय सम्मेलन का पर्याय बन गया है। संस्था में अभी तक पच्चीस से ज्यादा परिचय सम्मेलन कराकर सैकड़ों रिश्ते जुड़वाने में अमूल्य योगदान दिया है।

संस्था के संभागीय अध्यक्ष संजय गोयल और महामंत्री परमानंद गर्ग ने बताया कि इसके अतिरिक्त संस्था द्वारा स्कूली बच्चों को प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति दी जाती है। गौसेवा के अंतर्गत कायन हाउस, बंधा धर्मपुरा गौशालाओं में सेवाकार्य संस्था की नियमित गतिविधि है। विगत वर्ष संस्था द्वारा पांच जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्मेलन भी कराया गया था। संस्था की महिला विंग द्वारा कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाते है। संस्था द्वारा आंगनबाड़ी में वस्त्र, पाठ्य सामग्री वितरण के साथ ही खेलकूद के सामान व झूले भी दिये गये हैं।

29 वर्षों से अग्रवाल समाज की श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है अग्रसेन चौराहा


कोटा महानगर के बीचोंबीच नयापुरा स्थित महाराजा अग्रसेन चौराहा पिछले 29 सालों से हाड़ौती क्षेत्र के अग्रवाल समाज के लोगों के लिये समाज की एकता और श्रद्धा व आस्था का प्रतीक बन गया है। इसकी स्थापना 24 दिसंबर 1990 को शहर की प्रमुख सामाजिक संस्था श्री अग्रसेन युवा समिति द्वारा कराई गई थी।


संस्था के अध्यक्ष सुरेन्द्र गोयल विचित्र एवं सचिव परेश गुप्ता ने बताया कि एक दर्जन सरकारी विभागों की स्वीकृति लेने के पश्चात हाड़ौती के विकास पुरुष स्व. ललित किशोर चतुर्वेदी के अथक प्रयासों के कारण तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. भैरोसिंह शेखावत द्वारा इस चौराहा का नामाकरण अग्रसेन चौराहा एवं महाराज अग्रसेन प्रतिमा लगाने की स्वीकृति प्रदान की गई थी।

इस चौराहे के निर्माण के बाद से ही कोटा अग्रवाल समाज में एक अभूतपूर्व क्रांति आई। समाज के सभी घटक मिलकर यहां से शोभायात्रा निकालने लगे। कुछ वर्षों पहले सांसद ओम बिरला ने इस चौराहे का सौंदर्यकरण करवाकर एक नया स्वरूप प्रदान किया।


यादों के झरोखे से....
24 दिसम्बर 1990 को श्री अग्रसेन युवा समिति कोटा द्वारा निर्मित शहर के मध्य नयापुरा में महाराजा अग्रसेन चौराहा का नामाकरण एवं महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा का अनावरण अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री रहे स्व. बनारसीदा गुप्त एवं राजस्थान सरकार के तत्कालीन चिकित्सा मंत्री रहे स्व. ललित किशोर चतुर्वेदी ने किया।