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ग्यारह करोड़ की लागत से निर्मित एग्रो ट्रेड टॉवर दो वर्ष बाद भी शुरू नहीं हुआ

कोटा भामाशाहमंडी में भी 2019 में एग्रो ट्रेड टॉवर बनकर तैयार हो गया। लेकिन दो वर्ष गुजर जाने के बाद भी ट्रेड कार्यालयों का आवंटन नहीं होने से भामाशाहमंडी में इसकी किसानों व व्यापारियों को सुविधा अभी तक नहीं मिल पाई है।

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एग्रो ट्रेड टॉवर में 113 ट्रेड कार्यालय

ग्यारह करोड़ की लागत से निर्मित एग्रो ट्रेड टॉवर दो वर्ष बाद भी शुरू नहीं हुआ

कोटा. मंडियों में एक ही छत के नीचे किसानों को खाद-बीज से लेकर जींस खरीद की सुविधाएं देने के लिए राज्य सरकार की ओर से राजस्थान की सभी मंडियों में एग्रो ट्रेड टॉवर बनाए गए। कोटा भामाशाहमंडी में भी 2019 में एग्रो ट्रेड टॉवर बनकर तैयार हो गया। लेकिन दो वर्ष गुजर जाने के बाद भी ट्रेड कार्यालयों का आवंटन नहीं होने से भामाशाहमंडी में इसकी किसानों व व्यापारियों को सुविधा अभी तक नहीं मिल पाई है। ट्रेड कार्यालय आवंटन को लेकर बैठकें भी हो चुकी है। अब अगले माह 10 सितम्बर को आयोजित बैठक में ट्रेड कार्यालयों का आवंटन किया जाएगा।

113 ट्रेड कार्यालय
मंडी सचिव एमएल यादव ने बताया कि एग्रो ट्रेड टॉवर में 113 कार्यालय है। इनमें से 92 ट्रेड कार्यालय व 21 वाणिज्यिक कियोस्क, कैंटीन, सरस पार्लर सहित अन्य दुकानें है। 92 ट्रेड कार्यालयों के लिए 94 आवेदन पत्र प्राप्त हुए है। ट्रेड टॉवर में कृषक महिलाओं के लिए भी 18 ट्रेड कार्यालय आवंटित होंगे। साथ ही व्यापारियों, कृषि स्नातकों, जैविक उत्पाद के व्यापार करने वाले व्यापारियों व दिव्यांगों ट्रेड कार्यालय आवंटित होंगे। ग्राउण्ड फ्लोर पर वाणिज्यिक 21 दुकानों का आवंटन ट्रेड कार्यालयों के आवंटन के बाद होगा।

मंडी को होगी 20 करोड़ की आय
सचिव यादव ने बताया कि एग्रो ट्रेड टॉवर में 113 कार्यालयों के आवंटन से मंडी को करीब 20 करोड़ रुपए से ज्यादा का फायदा होगा। कार्यालयों के आवंटन के लिए जुलाई में भी बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन कुछ आपत्तियों के निस्तारण के बाद अब आवंटन की बैठक 10 सितम्बर को कृषि उपज मंडी समिति के सभा कक्ष में आयोजित होगी जिसमें ट्रेड कार्यालयों का आवंटन किया जाएगा।