Ajab-Gajab: कोटा.(हेमंत शर्मा) शादी ब्याह मांगलिक व धार्मिक आयोजन में बैंड की धुन गूंजे तो आयोजन अधूरे से लगते हैं। अब जहां तक बैंड की बात होती है तो सिर्फ पुरुष बैंड वादक दलों की ही तस्वीर सामने आती है, लेकिन कोटा शहर इस मामले में आगे है। कोटा में जैन समाज की महिला मंडलियां अलग अलग क्षेत्रों में दो बैंड दलों का संचालन कर रही है।
सच पूछें तो शिक्षा नगरी में जैन समाज की महिलाओं के बैंडवादन के हुनर की जादूगरी पुरुषों को भी अचंभित कर कायल बना रही है, और उनके कोटा में जैन समाज की महिलाओं के बैंड दल हैं। समाज के आयोजन, शोभायात्राएं इन दलों के बिना अधूरी है।
समाज की महिला पदाधिकारियों की मानें तो कोटा में जैन समाज की महिलाओं के दो बैंड आदिश दिव्य घोष व जयघोष रामपुरा है। प्रत्येक समूह में 20 के करीब महिलाएं भागीदारी निभा रही है। जयघोष रामपुरा महिला बैंड वादक महिला समूह की सोनिया पाटनी व आदिश दिव्य घोष महारवीर नगर की फूल कंवर जैन बताती है कि हमारे लिए बैंड एक भक्ति का माध्यम है, इससे आनंद मिलता है।
देखते ही बनता है उल्लास
साधु संतों की अगुवानी, समाज के विभिन्न धार्मिक आयोजन के मौके पर निकलने वाली शोभायात्राओं में महिलाओं के बैंडवादक दल शामिल होते हैं। फिर मार्ग में एक से बढ़कर एक धार्मिक धुनें गूंजती है। कुछ महिलाएं अपना चिन्ह लेकर आगे बढ़ती है, पीथे कोई घुंघूरु से तो कोई झांझर व कोई बैंड पर थाप से मंत्र मुग्ध करती है। सकल दिगम्बर जैन समाज महिला मंडल की संयोजिका निशा जैन वेद बताती है कि कोटा में दो दल हैं।
कहीं नहीं सीखा
सकल दिगम्बर जैन समाज महिला मंडल की संयोजिका निशा जैन वेद बताती है कि कोटा के दोनों बैंड दलों की महिलाओं ने कहीं भी वादन नहीं सीखा। लगातार अभ्यास से महिलाएं खास हुनर में पारंगत हो गई। महिलाओं ने कोटाो अलावा अन्य जगहों पर भी बैंड वादन कर मंत्रमुग्ध किया। है।
.हर आयु की महिलाएं
जयघोष रामपुरा व आदिश दिव्य घोष में 25 वर्ष से 50 वर्ष तक की आयु की महिलाएं शामिल है। खास बात यह भी है कि इन महिलाओं ने बैंड वादन का कोई प्रशिक्षण नहीं लिया। सोनिया पाटनी व फूल कंवर जैन ने महिलाओं को इस तरह से तैयार किया है कि सभी महिलाएं बैंड से संबंिन्धत सभी इन्स्टूमेंट को बजाने में पारंगत है। इनमें ड्रम, छोटे बैंड, झांझर, झुनझुने सभी शामिल है। सोनियां बताती है कि जयघोष रामपुरा दल गत वर्ष बनाया है, लेकिन गत दिनों कोटा विश्वविद्यालय में गत दिनों हुई इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में भी महिलाओं ने अपनी प्रतिभा दिखाई है। इस वर्ष महावीर जयंती पर निकलने वाली शोभायात्रा में भी इन महिलाओं की संगीत प्रतिभा देखने को मिलेगी।
युवा बैंड से हुई शुरुआत
सकल दिगम्बर जैन समाज के प्रवक्ता मनोज जैन आदिनाथ के अनुसार देशभर में समाज के 2000 के करीब बैंड हैं। इनमें 30 प्रतिशत महिला घोष हैं। कोटा में महिला दलों के साथ दो युवा व बच्चों के घोष भी हैं। वर्ष 2013 में विद्या-सुधा दिव्य घोष बनाया था। एक गुरु सेवा संघ से संचालित है।