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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ये बातें जीवन में उतारी तो बदल जाएगा जीवन…आ​खिर क्या है ये बातें, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

कोटा.सकल दिगम्बर जैन समाज समिति के तत्वावधान में रविवार को आरोग्य नगर में जैन जन उपयोगी भवन में संत अमित सागर व साध्वी सम्मेद शिखर के सान्निध्य में सामूहिक क्षमावाणी पर्व मनाया गया। समाज के लोगों ने आने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा याचना की।

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कोटा

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Hemant Sharma

Sep 19, 2022

कोटा.सकल दिगम्बर जैन समाज समिति के तत्वावधान में रविवार को आरोग्य नगर में जैन जन उपयोगी भवन में संत अमित सागर व साध्वी सम्मेद शिखर के सान्निध्य में सामूहिक क्षमावाणी पर्व मनाया गया। समाज के लोगों ने आने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा याचना की। इस दौरान संतों ने क्षमा धर्म का मर्म समझाया। अतिथियों ने भगवान महावीर की शिक्षाओं को जीवन में आत्मसात करने की सीख दी। आयोजन के दौरान समाज की प्रतिभाओ, विशेष कार्य व धर्म-ध्यान के लिए सम्मानित किया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला थे। उन्होंने कहा कि सत्य, अहिंसा व शांति के मार्ग पर चलकर ही समृदि्ध के रास्ते खुल सकते हैं। जो भी इस रास्ते पर चला है, वहां समृदि्ध के द्वार खुले हैं। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि गांधीजी का मूल मंत्र भी यही था। क्षमा करने से अहंकार दूर होता है। उन्होंने जीवन में आध्यात्म का महत्व बताया और कहा कि आध्यात्म की राह पर चलने से जीवन में सात्विकता व शांति आती है। इससे जीवन के तनाव दूर होते हैं। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष पंकज मेहता, कांग्रेस नेता अमित धारीवाल, जीएमए प्लाजा के अध्यक्ष राकेश जैन मडि़या भी उपिस्थत रहे। समाज के पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया। सकल दिगम्बर जैन समाज समिति के अध्यक्ष विमल जैन नांता ने स्वागत भाषण दिया। महामंत्री विनोद जैन टोरडी,संरक्षक राजमल पाटौदी, वित्त सचिव प्रकाश ठोरा,कार्याध्यक्ष प्रकाश बज,प्रचार सचिव मनोज जैन आदिनाथ,वरिष्ठ उपाध्यक्ष विकास जैन अजमेरा,विमल जैन वर्द्धमान,गुलाब जैन, मिलाप चन्द जैन समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

संतों ने क्षमा को वीरों का आभूषण बताया

धर्मसभा में संत अमित सागर ने कहा कि मन के प्रदूषण को क्षमा के भाव से दूर किया जा सकता है। मन, कर्म व वचन तीनों में क्षमा का समावेश होना चाहिए।
साध्वी सम्मेद शिखर ने कहा कि क्षमा वीरों का आभूषण है। क्षमा के भाव को जीवन में अपनाओ। संत अंतरंग सागर ने कहा कि जो व्यक्ति अपने सामर्थ्य ताकतवर होकर कभी उसका अहंकार मत करो। इसे धर्म में लगाओ। क्षमा को जीवन में अपनाओ। मानवता के भाव रखो।खुद को टटोलते रहे। जहां भी लगे की कोई गलती हुई है, खुद से क्षमा मांगो और दोबारा गलती मत करो।

प्रतिभाओं समेत अन्य किया सम्मान

समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलिब्धयां अर्जित करने के लिए सम्मानित किया। समाज की ओर से पीके हरसौरा ने बताया किसमारोह में 10 उपवास करने वाले 36 श्रद्धालुओं , विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित, बोर्ड की परीक्षाओं में 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली करीब 67 प्रतिभाओं को पुरस्कृत किया गया। इनके साथ ही दशलक्षण पर्व के दौरान मांडना, झांकी सजाने वाले श्रेष्ठ प्रथम तीन स्थानों पर रहने वाले प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया।

ऐसे हुई शुरुआत

प्रचार सचिव मनोज जैन आदिनाथ ने बताया कि समारोह में भगवान जिनेन्द्र का अभिषेक एवं पूजन की गईकार्यक्रम के प्रारंभ में प्रकाश जैन दीपपुरा ने दीप प्रज्जल्वित किया। गुलाब चंद जैन चूनेवाले ने भगवान महावीर, रमेश, नवीन जैन ने आचार्य धर्मसागर,राजेश जैन सेठिया ने आचार्य कुंथू सागर के चित्र का अनावरण किया। तेजल जैन ने मंगलाचरण व विन्ध्यश्री महिला तथा त्रिशला महिला मंडल की महिलाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। बाबूलाल जैन व अशोक पहाडिया ने पाद प्रक्षालन किया। इस मौके पर समाज की ओर से मुनि दीक्षार्थी श्रेय जैन की गोद भराई की
रस्म भी अदा की गई।


फिर द्रवित हुआ मन

समारोह के दौरान लोगों ने एक दूसरे से क्षमायाचना की तो मन द्रवित हो गया।किसी ने गले लगाकर तो किसी ने सरण स्पर्श व किसी ने हाथ जोड एक दूसरे से क्षमायाचना की। क्षमा याचना का यह क्रम देर तक चला। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से लोग आए। आयोजन के दौरान भजन व जयकारों से पांडाल गूंजता रहा।

शोभायात्रा निकाली

प्रारंभ में महावीर नगर विस्तार योजना िस्थत दिगम्बर जैन मंदिर से बैंड बाजों के साथ शोभायात्रा निकाली। यह क्षेत्र के प्रमुख मार्गों से होते हुए आयोजन स्थल पहुंची। मार्ग में श्रद्धालुओं ने स्वागत किया।