
बूंदी जिले के सांवतगढ़ गांव निवासी अलिशा (फोटो- पत्रिका)
Rajasthan Staff Selection Board: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर की ओर से रविवार को आयोजित उच्च प्राथमिक विद्यालय अध्यापक सीधी भर्ती परीक्षा लेवल-2 की सेकेंड पारी में सामाजिक अध्ययन विषय की परीक्षा के दौरान कोटा जिले में एक महिला अभ्यर्थी को हिजाब पहनकर आने के कारण परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। इसके चलते वह परीक्षा से वंचित रह गई।
उधर, जिला प्रशासन ने कहा कि गाइडलाइन में कान और चेहरा ढककर परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं देने का प्रावधान है। इस बारे में महिला अभ्यर्थी को समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। इस कारण उसे परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया।
बूंदी जिले के सांवतगढ़ गांव निवासी अलिशा दोपहर तीन बजे की पारी में सामाजिक अध्ययन विषय की परीक्षा देने कोटा पहुंची थी। अलिशा का कहना है कि वह सलवार-सूट पहने हुए थी और सिर पर चुन्नी/हिजाब था। उसके एडमिट कार्ड पर भी हिजाब में ही फोटो लगी हुई है। केंद्र पर पहले महिला पुलिसकर्मी और फिर सुरक्षा अधिकारी ने उसकी जांच की।
उनकी कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन केंद्राधीक्षक ने हिजाब हटाए बिना प्रवेश देने से मना कर दिया। अलिशा ने बताया कि वह पिछले एक साल से परीक्षा की तैयारी कर रही थी और इसके लिए कोचिंग भी ली थी। परीक्षा से वंचित किए जाने के बाद वह निराश होकर अपने पिता के साथ लौट गई।
परीक्षा गाइडलाइन के अनुसार, कान और चेहरा ढककर अभ्यर्थियों को परीक्षा में प्रवेश की अनुमति नहीं है। अभ्यर्थी को गाइडलाइन का हवाला देकर हिजाब हटाने के लिए कहा गया था। लेकिन उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया। ऐसे में नियमों की पालना के तहत उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया।
-वीरेंद्र सिंह यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) कोटा
Updated on:
20 Jan 2026 12:10 am
Published on:
19 Jan 2026 04:29 am

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