
वैगन ट्रिपलर्स का अधूरा निर्माण कार्य
सुपर थर्मल पावर स्टेशन में कोयला वैगन्स खाली करने के 187.40 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे दो नए ऑटोमेटिक वैगन ट्रिपलर्स का निर्माण कार्य तय समय सीमा के बाद एक साल गुजर जाने पर भी अधूरा है। थर्मल प्रशासन ठेकेदार पर सख्ती करने की जगह उसे राहत ही दे रहा है। थर्मल प्रबंधन यह भी नहीं बता पा रहा कि कार्य कब पूरा होगा।
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स्ट्रक्चर भी पूरा खड़ा नहीं हुआ
थर्मल सिविल विंग के अभियंता 70 फीसदी कार्य पूरा होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह कि तीन साल में सिविल स्ट्रक्चर भी पूरा खड़ा नहीं हुआ। सिविल वर्क में रेलवे ट्रेक सहित कई कार्य होने बाकी हैं। इसके अलावा कन्वेयर व कॉलयार्ड के स्टॉक सहित कई कार्य भी बाकी हैं।
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बढ़ा दी समय सीमा
इन दो नए वैगन ट्रिपलर्स के निर्माण का कार्य 21 मई 2014 में मैसर्स एनर्गो इंजीनिरिंग प्राइवेट लिमिटेड गुडग़ांव को दिया गया था। कंपनी को मई 2016 तक कार्य पूरा करना था। लेकिन, मई तक तो सिविल स्ट्रक्चर का कार्य भी नहीं किया गया। फिर थर्मल प्रशासन ने समय सीमा बढ़ा दी। अब यह अवधि भी इस माह 20 अक्टूबर को पूरी हो रही है, लेकिन कार्य अब भी अधूरा है। और, समयावधि बढ़ाने की तैयारी है।
पेनल्टी का भी पता नहीं
सामान्यत: टेंडर शर्तों में उल्लेख रहता है कि तय वक्त पर काम कार्य पूरा नहीं हुआ तो ठेकेदार फर्म पर शास्ति लगाई जाएगी। लेकिन, इस मामले में थर्मल प्रशासन खुद अनभिज्ञ है। अधिकारियों को यह पता ही नहीं है कि टेंडर में पेनल्टी की शर्त है या नहीं। कोटा थर्मल के मुख्य अभियंता एचबी गुप्ता ने कहा कि कार्य प्रगति पर है, देरी तो हुई है। फर्म पर टेंडर प्रक्रिया के समय पेनल्टी का प्रावधान होगा तो जरूर लगेगी।
Published on:
05 Oct 2017 01:22 pm
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