
कोटा. इस सीजन में डेंगू, स्वाइन फ्लू व स्क्रब टायफस से 58 की मौत हो जाने के बाद अब हाईरिस्क एरिया में चिकित्सा विभाग सर्वे व फोगिंग में जुटा है।
कोटा . कोटा संभाग में डेंगू, स्वाइन फ्लू व स्क्रब टायफस से मौतों का आंकड़ा इस सीजन में 50 से पार पहुंच चुका है। इसके बाद अब प्रशासन व चिकित्सा विभाग जागा है। यदि समय रहते प्रशासन व चिकित्सा विभाग सचेत हो जाता तो आज इतने लोगों की जाने नहीं जाती। जिला प्रशासन चिकित्सा विभाग के साथ शहर में हाईरिस्क एरिया को चिहिन्त कर मच्छरों को मारने के लिए जुटा है। वहां लगातार सर्वे कर फोगिंग व एंटीलार्वल कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार को भी डेंगू से दो लोगों की जान चली गई।
डेंगू से दो लोगों की मौत
एमबीएस अस्पताल में मंगलवार देर रात को कुन्हाड़ी बालिता रोड निवासी विष्णु बागरी (14) की मौत हो गई। विष्णु के पिता राजू बागरी ने बताया कि विष्णु पांच दिन से बुखार से पीडि़त था। यहां प्राइवेट क्लिनिक पर उसका उपचार चल रहा था। तबीयत ज्यादा खराब होने पर उसे 2 अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां जांच कराई थी जिसमें डेंगू पाया गया। 3 अक्टूबर को रात को साढ़े दस बजे उसकी मौत हो गई। उधर, अरण्डखेड़ा की झोपड़ी लाडपुरा निवासी मेघराज (35) की भी डेंगू से तलवंडी स्थित एक निजी अस्पताल में मौत हो गई।
हाईरिस्क एरिया में सर्वे व फोगिंग
जिला प्रशासन ने चिकित्सा विभाग के सहयोग से हाई रिस्क एरिया कुन्हाड़ी क्षेत्र को 11 भागों में बांटकर सर्वे व फोगिंग की कार्रवाई की। इससे पहले एडीएम सिटी बीएल मीणा व सीएमएचओ डॉ. आरके लवानिया, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. रामजीलाल मीणा ने वार्ड पार्षद व स्टाफ की बैठक ली और कुन्हाड़ी, सकतपुरा, बापू बस्ती को 11 भागों में बांटकर फोगिंग की। इस कार्य में नगर निगम व सीएमएचओ की 11 फोगिंग मशीने लगाई गई। 22 डोमेसिअक ब्रीडींग चैकर ने एण्टीलार्वल कार्रवाई की। सर्वे टीम ने घर-घर जाकर टंकी, कूलर को साफ करवाया। मकानों के अंदर स्प्रे किया।
डेंगू से लड़ रहा है शहर का युवा
शहर में डेंगू की महामारी को लेकर शहर में रोज औसतन 40 से 50 एसडीपी हर दिन हो रही है। एसडीपी डोनेट करने के लिए कोटा का युवा दिन-रात एक कर रहा है। इसी अभियान के अन्तर्गत भाजपा युवा मोर्चा के सदस्य गोपाल गुप्ता ने गुरुवार को 20 दिन में दूसरी बार एसडीपी दी। उन्होंने महावीर नगर क्षेत्र में निजी अस्पताल में आईसीयू में भर्ती झालावाड़ से आए डेंगू रोगी रोहित पारेता को एसडीपी दी। जब रोहित के परिजन तलाशने पर एसडीपी डोनर नहीं मिला और गोपाल गुप्ता के सम्पर्क में आने पर उन्होंने कोटा ब्लड बैंक पहुंच कर एसडीपी डोनेट की गई।
Published on:
4 Oct 2017, 9:27 PM IST
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