8 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

उपचार के दौरान तीन माह की बच्ची की मौत, मामला दर्ज

रावतभाटा में शुक्रवार को बच्ची की उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने चिकित्सक के खिलफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

2 min read
Google source verification
रावतभाटा

रावतभाटा में चिकित्सक के खिलाफ मामला दर्ज कराने पुलिस थाने पहुंचे बच्ची के परिजन।


रावतभाटा.
शहर के एक निजी चिकित्सालय में शुक्रवार रात को एक तीन माह की बच्ची की उपचार के दौरान मौत हो गई। इस मामले में परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट पर चिकित्सक के खिलफ मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। मृतका का शनिवार सुबह पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।


रावतभाटा के वार्ड संख्या २५ निवासी सद् दाम बैग की करीब तीन माह की बालिका सायरा का मण्डेसरा बस स्टेंड स्थित एक निजी चिकित्सालय में पिछले तीन दिनों से इलाज चल रहा था। इस दौरान बच्ची की स्थिति ठीकठाक थी। लेकिन शुक्रवार को परिजन जब बालिका को लेकर चिकित्सालय पहुंचे। जहां चिकित्सक ने यहां कार्यरत किसी कर्मी को बालिका को इंजेक्शन लगाने को कहा। इंजेक्शन लगाने के बाद परिजन बालिका को लेकर घर आ गए। जिसके थोड़ी देर बाद ही बच्ची की हालत बिगडऩे लगी।

इस पर बालिका के परिजन उसे लेकर वापस चिकित्सालय पहुंचे। यहां परिजनों द्वारा हंगामा किए जाने पर चिकित्सक परिजनों सहित कोटा पहुंचा तथा बालिका को कोटा के एक निजी चिकित्सालय में बच्ची को भर्ती करवा दिया और बच्ची को पूरी रात अस्पताल में रखे जाने की बात कही। इसके बाद जब बच्ची के परिजनों ने आईसीयू में जाकर बच्ची को देखा तो उस बच्ची की मौत हो चुकी थी। इस पर परिजन मृत बालिका को लेकर रावतभाटा पहुंचे तथा रावतभाटा थाने में चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। इस पर पुलिस ने चिकित्सक के खिलाफ ३०४ए में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। बालिका का शनिवार सुबह पोस्टमार्टम किया जाएगा।

परिजनों का कहना है बच्ची को अस्पताल ले जाने के दौरान सास्ते में ही दम तौड दिया था। लेकिन चिकित्सक ने परिजनों को भ्रमित कर बच्ची को कोटा के निजी अस्पताल में भर्ती करवा दिया। परिजन जबरन आईसीयू में पहुंचे तब उन्हें बच्ची की मौत का पता चला । परिजनों के अनुसार चिकित्सक ने अस्पताल में अप्रशिक्षित नर्सींग स्टाफ को रखा हैए और इंजेक्शन भी इसी स्टाफ से कह कर लगवाया गया था ।

निजी चिकित्सालय के चिकित्सक डा.नीरज बंसल का कहना है कि बच्ची का तीन दिन से अस्पताल में निमोनिया का इलाज चल रहा था । शुक्रवार शाम को तबियत ज्यादा बिगडऩे पर एक्स रे करवाया गया। जिसमें बच्ची को दिल की कोई समस्या होने की संभावना थी। इसके अलावा बच्ची को लाइफ सपोर्टिंग सिस्टम पर लिए जाने के दौरान उसके फैंफड़ों से 18 ग्राम दूध की मात्रा निकाली गई थी। ऐसे में प्रारंभिक रूप से मौत का कारण फैंफड़ों में दूध जाना हो सकता है। सही स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

पुलिस वृत निरीक्षक वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि परिजनों की रिपोर्ट पर चिकित्सक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। बालिका का शनिवार सुबह पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।