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विदाई से पहले यहां इतना पानी बरसा कि बाढ़ जैसे हालात हो गए, सबसे बड़े बांध के भी गेट खोलने पड़े हैं

हाड़ौती अंचल में गुरुवार को मानसून सक्रिय रहा। बारां-झालावाड़ व कोटा जिले के ग्रामीण इलाकों में बादल झूमकर बरसे। बारां जिले के शाहाबाद में 7 इंच और कोटा जिले के इटावा क्षेत्र में साढ़े 5 इंच बारिश दर्ज की गई। इससे नदी-नालों में उफान आ गया। इधर, मध्यप्रदेश में हो रही अच्छी बारिश से चंबल नदी के सबसे बड़े गांधीसागर बांध का एक स्लूज गेट खोलकर 19900 क्यूसेक पानी की निकासी की गई।

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Kota Barrage

गांधीसागर बांध का एक स्लूज गेट खोलकर 19900 क्यूसेक पानी की निकासी की गई।

हाड़ौती अंचल में गुरुवार को मानसून सक्रिय रहा। बारां-झालावाड़ व कोटा जिले के ग्रामीण इलाकों में बादल झूमकर बरसे। बारां जिले के शाहाबाद में 7 इंच और कोटा जिले के इटावा क्षेत्र में साढ़े 5 इंच बारिश दर्ज की गई। इससे नदी-नालों में उफान आ गया। इधर, मध्यप्रदेश में हो रही अच्छी बारिश से चंबल नदी के सबसे बड़े गांधीसागर बांध का एक स्लूज गेट खोलकर 19900 क्यूसेक पानी की निकासी की गई।

बारां में नदी-नाले उफान पर

बारां शहर समेत जिले के आठों उपखंडों में बीते 24 घंटे में अच्छी बारिश हुई। जिले में बुधवार शाम से गुरुवार शाम तक सर्वाधिक बरसात शाहाबाद में 176 एमएम दर्ज की गई। वहीं मांगरोल में 94, बारां में 66, अटरु में 66, किशनगंज में 64, छीपाबड़ौद में 49 तथा अन्ता में 39 एमएम बारिश हुई। अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा। परवन नदी में उफान के चलते बारां-झालावाड़ मार्ग पर चौकी बोरदा की पुलिया पर सुबह 7.30 तक डेढ़ से दो फीट पानी का बहाव था। वहीं केलवाड़ा क्षेत्र की भैंसासुर नदी में भी उफान आने से मार्ग बाधित रहा। लगातार बरसात से फसलों में नुकसान की आशंका है।

उजाड़ नदी में पानी की आवक, भीम सागर के गेट खोले

कोटा जिले के सांगोद, कनवास, इटावा और मंडाना क्षेत्र में झमाझम बारिश से सड़कों पर पानी बह निकला। खेत जलमग्न हो गए। इटावा क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में 139 एमएम बारिश रेकार्ड हुई। क्षेत्र में लगातार बारिश से हर तरफ जलभराव के साथ ही नदी-नालों में उफान आ गया। वहीं खेतों में जलभराव होने से सोयाबीन व उड़द की फसल पूरी तरह खराब हो गई। मंडाना कस्बे में दोपहर में 1 घंटे झमाझम बारिश हुई। बारिश से साप्ताहिक हाट प्रभावित रहा। सांगोद की उजाड़ नदी पर स्थित भीमसागर बांध के गेट मानसून सीजन में पहली बार गुरुवार सुबह खोले गए। उजाड़ नदी के कैचमेंट क्षेत्र में लगातार बारिश से तीन गेट 9 फीट खोलकर करीब 7500 क्यूसेक छोड़ा गया। बांध के गेटों से जल निकासी देर शाम तक जारी रही। बांध का जलस्तर 1011 फीट पर बना हुआ है। बांध की कुल भराव क्षमता 1012 फीट है।

कोटा-श्योपुर मार्ग दिनभर रहा अवरुद्ध

खातौली में पार्वती नदी के जल भराव क्षेत्र में हो रही बारिश के चलते व नवनिर्मित नौनेरा डेम से छोड़े जा रहे पानी के कारण कोटा-श्योपुर मार्ग दिनभर बंद रहा। पार्वती नदी की पुरानी पुलिया पर करीब 10 से 12 फीट पानी की आवक जारी थी। इससे वाहनों का आवागमन बंद रहा।

झालावाड़ जिले में चार बांधों से जलनिकासी

झालावाड़ जिले में तीसरे दिन भी बारिश के चलते जलस्रोतों में पानी की जोरदार आवक हुई। लगातार बारिश से नदियों व तालाबों में पानी की अच्छी आवक हो रही है। भीमसागर बांध के 3 गेट 9 फीट खोलकर 7500 क्यूसेक, छापी का एक गेट 4 मीटर खोलकर 1115, राजगढ़ बांध का 1 गेट 15 मीटर खोलकर 521 क्यूसेक, कालीसिंध बांध के 2 गेट 3 मीटर खोलकर 12376 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। वहीं धारगंगा नदी उफान पर होने से खजूरी पुलिया पर चार दिन से पानी है। ऐसे में क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों का संपर्क सरड़ा से कट गया। झालावाड़ के असनावर में 35 एमएम, खानपुर में 33, झालावाड़ में एक, अकलेरा में 02, डग में 1, झालरापाटन में 3, मनोहरथाना में 5 एमएम बारिश दर्ज की गई।