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पार्टी कार्यालय की दहलीज नहीं चढ़े भाजपा विधायक

जिला कार्यालय पर हर माह होती हैं पांच से आठ बैठकें, लेकिन साढ़े चार साल में जाकर नहीं झांके, विधायक अपने कार्यालयों पर ही कर लेते हैं आयोजन

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पार्टी कार्यालय की दहलीज नहीं चढ़े विधायक

कोटा. विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा का प्रदेश मुख्यालय इन दिनों राजनीति का प्रमुख केन्द्र बना हुआ है। जबकि भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले कोटा में पार्टी कार्यालय की स्थिति यह है कि यहां पार्टी के विधायक ही पूरे कार्यकाल में एक बार भी पार्टी कार्यालय नहीं गए हैं। इसकी कसक पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी है।

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भाजपा का जिला कार्यालय सब्जीमंडी स्थित एक कटले में संचालित हैं, जहां हर माह पांच से आठ बैठकें होती हैं, जिनमें संगठन के पदाधिकारी शामिल होते हैं, लेकिन बीते साढ़े चार साल में एक बार भी पार्टी कार्यालय में होने वाली बैठकों में विधायक शामिल नहीं हुए।
पार्टी कार्यालय में ज्यादातर बैठकें शहर अध्यक्ष की अगुवाई में होती हैं। ज्यादातर बैठकें प्रदेश मुख्यालय से आने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों के संबंध में होती है। इन बैठकों में ही पार्टी के कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया जाता है। संगठन की गतिविधियों को मजबूती से आगे बढ़ाने में इन बैठकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

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बैठक में बैठे कहां
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह कार्यकर्ताओं को आईटी तकनीक से लैस होकर काम करने पर जोर देते हैं, लेकिन जिला कार्यालय ही अपडेट नहीं है। जिलाध्यक्ष के कक्ष में एक पुराना कम्प्यूटर है। पांच-छह कुर्सियां लगी है। बाहर 15 से 20 लोगों की क्षमता का एक हॉल है। बारिश के दिनों में बैठक टाली जाती हैं, क्योंकि भवन बारिश में टपकने लग जाता है।


जमीन मिली, भवन नहीं
नए पार्टी कार्यालय के लिए नगर विकास न्यास ने दो साल पहले डीसीएम रोडवेज टर्मिनल के पास अस्सी फीट रोड पर तीन हजार वर्गमीटर जमीन आवंटित की गई थी, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। नोटबंदी के ऐनवक्त पहले यह जमीन आवंटित की गई थी।


जगह छोटी पड़ती है
यह सही है कि पार्टी कार्यालय में कोई भी विधायक एक बार भी नहीं आया है। विधायकों से संबंधित बैठकों के लिए पार्टी कार्यालय की जगह छोटी पड़ती है। इस कारण अन्य जगहों पर बैठकें कर ली जाती है।
हेमंत विजयवर्गीय, शहर अध्यक्ष भाजपा