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भागती गाड़ियों के पीछे छूटती जिंदगियां: 4 साल में 3.15 लाख हिट एंड रन, राजस्थान 4th स्थान पर

Hit And Run Case: देश में पिछले चार साल (2020-2024) में 3.15 लाख से ज्यादा हिट एंड रन मामले दर्ज हुए हैं। इनमें हर पांचवां मामला अकेले मध्यप्रदेश से है, जो 60,036 केस के साथ देश में पहले स्थान पर है।

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कोटा

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Akshita Deora

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आशीष जोशी

Apr 25, 2026

Accident

सड़क हादसा की फाइल फोटो: पत्रिका

Ministry of Road Transport and Highways Report: सड़क पर तेज रफ्तार से गुजरती एक गाड़ी और उसके पीछे छूट जाती है एक जिंदगी, एक परिवार और कई अधूरे सपने। हिट एंड रन सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि हर साल हजारों परिवारों की ऐसी कहानी है, जिसमें अचानक सब कुछ खत्म हो जाता है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट इसी दर्द की तस्वीर सामने लाती है।

देश में पिछले चार साल (2020-2024) में 3.15 लाख से ज्यादा हिट एंड रन मामले दर्ज हुए हैं। इनमें हर पांचवां मामला अकेले मध्यप्रदेश से है, जो 60,036 केस के साथ देश में पहले स्थान पर है। महाराष्ट्र (38,263) दूसरे, उत्तर प्रदेश (38,254) तीसरे और राजस्थान 24,259 मामलों के साथ चौथे स्थान पर है।

इन आंकड़ों के पीछे कई परिवारों की दर्दभरी दास्तान है। कहीं बच्चे पिता की अंगुली तलाश रहे हैं, कहीं बूढ़े माता-पिता अपने सहारे को और कहीं एक पत्नी अपने जीवनसाथी को। चौंकाने वाली बात यह है कि 2020 में जहां ऐसे 53,623 मामले थे, वहीं 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 68,884 तक पहुंच गया। यानी ड्राइविंग पहले से ज्यादा असुरक्षित हो गई हैं।

इन दो मामलों से समझें कैसे एक हादसा पूरी दुनिया बदल देता है

  • केस 1: जबलपुर की रेनू आज भी दरवाजे की आहट पर चौंक जाती हैं। उन्हें लगता है कि शायद उनके पति विकेश उरवा लौट आए होंगे। लेकिन इसी साल 30 मार्च की वह घटना उनकी जिंदगी में स्थायी सन्नाटा छोड़ गई। हिट एंड रन में पति की मौत के बाद अब चार साल की बेटी परी के भविष्य का सवाल उनके सामने खड़ा है। ‘घर कैसे चलेगा’ यह सवाल अब हर दिन उनके साथ जीता है।
  • केस 2: अलवर के चौहान परिवार के लिए 19 नवंबर 2025 की सुबह कभी खत्म नहीं होती। सहायक वनपाल जोगेंद्र सिंह चौहान अपने बेटे के साथ टहलने निकले थे, लेकिन एक लापरवाह वाहन चालक ने सब कुछ छीन लिया। बेटे की आंखों में वह मंजर अब भी जिंदा है और पत्नी की जिंदगी एक झटके में बदल गई। घर का हर कोना अब उनकी अनुपस्थिति की गवाही देता है।

दिल्ली और गुजरात ब्लैक सूची से बाहर

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली और गुजरात हिट एंड रन दुर्घटनाओं की टॉप 10 की ‘ब्लैक सूची’ से बाहर है। पंजाब, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, झारखंड, केरल और उत्तराखंड जैसे राज्य भी ऐसे मामलों में दूसरे राज्यों की तुलना में काफी सुरक्षित बताए गए हैं।

ये 10 राज्य सबसे ज्यादा झेल रहे रफ्तार का दंश

राज्यहिट एंड रन केस
मध्यप्रदेश60036
महाराष्ट्र38263
उत्तरप्रदेश38254
राजस्थान24259
तमिलनाडु23604
बिहार14510
कर्नाटक12189
हरियाणा11179
तेलंगाना10739
ओडिशा10562
(सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार 2020 से 2024 तक कुल मामले )

मुआवजा : दावे ही कम आ रहे, भुगतान और कम

केंद्र सरकार ने हिट एंड रन मोटर वाहन दुर्घटना पीड़ित प्रतिकर स्कीम अप्रैल 2022 में लागू की थी। मृत्यु की स्थिति में 2 लाख और गंभीर चोट पर 50 हजार रुपए का मुआवजा दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में 205 पंजीकृत दावों में से 95 दावों का भुगतान किया गया। जिसमें 1.78 करोड़ रुपए वितरित हुए। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में 9,813 पंजीकृत दावों में से 7,348 दावों का भुगतान किया, जिसकी कुल राशि 125.9 करोड़ रुपए रही। कम दावे और भुगतान को देखते हुए मंत्रालय ने इसी साल 2 मार्च को स्कीम में संशोधन किया है। ताकि इसके कार्यान्वयन को सुव्यवस्थित और मजबूत किया जा सके।

मुआवजा लेने में बिहार जागरूक, राजस्थान पीछे

राज्यपंजीकृत दावेभुगतान किए गए दावे
बिहार29112872
मध्यप्रदेश929425
गुजरात819720
झारखंड790563
राजस्थान395230
(आंकड़े 2025-26 के, 28 फरवरी 2026 तक)