
आदेशों के बाद जिला ब्लड सेंटर ने बढ़ाई तैयारी, सहरिया और जरूरतमंद महिलाओं को मिलेगा विशेष लाभ
बारां. प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव से जूझने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार की ओर से राहत भरी पहल की गई है। अब गंभीर स्थिति में गर्भवती महिलाओं को रक्तदाता उपलब्ध कराए बिना भी रक्त और रक्त अवयव मिल सकेंगे। राजस्थान राज्य रक्त संचरण परिषद की ओर से हाल ही में दिए गए इस तरह के निर्देशों के बाद बारां जिला ब्लड सेंटर ने भी रक्त भंडार पर्याप्त रखने के प्रयास तेज कर दिए हैं। इससे जिरूरतमंद प्रसूताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यह सारी कवायद गर्भवती महिलाओं की मृत्यु दर में कमी लाने को लेकर की जा रही है।
सहयोग रहा तो नहीं परिजनों की चिंता
प्रसव के दौरान कई बार अचानक अत्यधिक रक्तस्राव होने से तत्काल रक्त की आवश्यकता पड़ जाती है। कई मामलों में रक्तदाता नहीं मिलने या परिजनों के रक्तदान के लिए आगे नहीं आने से उपचार में देरी की आशंका रहती है। जान पर संकट की नौबत तक आ जाती है। जिले के सहरिया बहुल व दूरदराज क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के सामने समय पर रक्त की व्यवस्था करना अधिक चुनौतीपूर्ण होता है। नए आदेश से ऐसी महिलाओं को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
शिविर बढ़ाकर रखेंगे पर्याप्त भंडार
निर्देशों के बाद जिला ब्लड सेंटर ने स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने, रक्तदाताओं से समन्वय करने और शिविर आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है। दुर्लभ रक्त समूह वाले रक्तदाताओं की सूची भी तैयार कर ली गई। इससे आपात स्थिति में तत्काल रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा। इसका उद्देश्य यह है कि किसी भी गर्भवती या प्रसूता का उपचार रक्त की कमी के कारण प्रभावित नहीं हो।
निर्देशों की पालना में रक्त भंडार पर्याप्त रखने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। वैसे यहां 165 थैलेसीमिया बच्चों, दुर्घटना में घायलों और लाइफ सेविंग केस के मरीजों को नियमित रक्त की जरूरत रहती है। सहरिया जनजाति बाहुल्य होने से चैरिटी रक्त की मांग अधिक है। संस्थाओं से सरकारी ब्लड सेंटर में रक्तदान शिविर लगाने की अपील है।
-डॉ. बिहारीलाल मीणा, प्रभारी, जिला ब्लड सेंटर, जिला अस्पताल
Updated on:
02 Aug 2026 06:00 am
Published on:
02 Aug 2026 06:00 am
