
शहर में आवारा पशुओं के आतंक से कोई भी इलाका अछूता नहीं है। हर गली मोहल्ले में एक जैसे हालात है। लोगों को अपने बच्चों को बाहर खेलने भेजने में भी डर लगता है।
मैं तो खुद आवारा पशुओं से दूर ही रहता हूं। गत शुक्रवार को मैं बाइक से बैंक जा रहा था, तभी घर के बाहर कुछ ही दूरी पर सांड लड़ रहे थे। जिन्हें देखकर मैं साइड में खड़ा हो गया, जब वे शांत हो गए तब निकलने की कोशिश ही कर रहा था कि एक सांड ने मोटर साइकिल को सिर से मारा और मैं गिर गया। यह पीड़ा है महापौर महेश विजय के वार्ड में गत शुक्रवार को आवारा पशुओं से दुघर्टनाग्रस्त होकर घायल हुए महावीरनगर तृतीय सेक्टर 7 निवासी एसएस भल्ला की।
शनिवार को अपने घर पर आराम कर रहे भल्ला ने पत्रिका को बताया कि आवारा पशुओं की समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। इसका समाधान कुछ दिन अभियान चलाने से नहीं हो सकता।
इसके लिए निगम, आमजन के साथ-साथ जिला प्रशासन को हरसंभव प्रयास करने होंगे। भल्ला के करीब सात टांके आए हैं तथा चिकित्सकों ने उन्हें 15 दिन आराम की सलाह दी है।
चारा वाले को भगाया
भल्ला के पड़ौसी चंद्रमोहन साहू ने बताया कि इस दुघर्टना के बाद उन्होंने महापौर को फोन कर इसके बारे में बताया। उन्होंने उसी रात आवारा पशुओं को पकडऩे के लिए गाड़ी भेजी, लेकिन उसके बाद कुछ नहीं हुआ। शनिवार सुबह भी स्कूल के पास एक चारा बेचने वाला बैठा था, जिसे आसपास के लोगों ने भगा दिया। कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन अब बच्चों को बचाने के लिए एेसा ही करना पड़ेगा।
विपक्षी पार्षद पहुंचे घर
नेताप्रति पक्ष अनिल सुवालका की अगुवाई में विपक्षी पार्षदों के दल ने शनिवार को भल्ला के घर जाकर उनकी कुशलक्षेम पूछी। इसके बाद सुवालका ने कहा कि महापौर के वार्ड में ही एेसे हाल है तो पूरे शहर की स्थिति समझ में आ सकती है। महापौर को तत्काल अपने वार्ड से शुरुआत करते हुए आवारा पशुओं से जनता को निजात दिलाने के लिए ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
Published on:
09 Jul 2017 08:27 am
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