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फिर हरे हुए जख्म, 24 बरस पहले बूंदी में हुआ था इसी तरह का हादसा, 35 बारातियों की गई थी जान

13 नवम्बर 1996 को नैनवां थाना क्षेत्र में फूलेता की नदी में भी बारात की बस गिरी

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नैनवां। बूंदी। जिले के लाखेरी के पास मेज नदी में बारात की बस गिरने से हुए दर्दनाक हादसे ( Bundi Bus Accident ) से हाड़ोती समेत पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। बूंदी के लाखेरी थाना क्षेत्र के पापड़ी मेज नदी में गिरी बस में सवार सभी लोग कोटा से सवाई माधोपुर मौसाला (भात) लेकर जा रहा थे। तभी ये दर्दनाक हादसा ( Bus Accident in Rajasthan ) हो गया और कई लोग काल का ग्रास बन गए। मेज नदी में बारात की बस गिरने जैसा ही हादसा 24 वर्ष पूर्व नैनवां में भी हुआ था। 13 नवम्बर 1996 को नैनवां थाना क्षेत्र में फूलेता की नदी में भी बारात की बस गिरी थी जिसमे 35 बारातियों की मौत हुई थी। मृतकों में नैनवां, लाखेरी व कोटा के लोग शामिल थे।

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एक साथ 21 चिताएं जली
किशोर धाम में हुए अंतिम संस्कार में एक साथ 21 चिताएं देख लोगों के आंखे नाम हो गई । अंतिम संस्कार में पुलिस प्रशासन के अलावा हजारों की तादात में लोग इकट्ठा हुए । हादसे की सूचना के बाद अंतिम संस्कार में शामिल होने की लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला दिल्ली से हेलीकॉप्टर से कोटा पहुचें। वहीं कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा विधानसभा जयपुर से रवाना होकर सीधे किशोरपुरा मुक्तिधाम पहुंचें ।

नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने कहा की हाड़ौती और राजस्थान के लिए दुखद घटना है। हादसे के कारणों की जांच होगी और भविष्य में ऐसे हादसे नहीं हो, उस दिशा में भी कार्य करेंगे। पुलों पर सुरक्षा का ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है।

उधर लाडपुरा विधायक कल्पना देवी ने बूंदी जिले के लाखेरी क्षेत्र में पापड़ी पुलिया पर यात्रियों से भरी बस मेज़ नदी में गिरने से कईं लोगों के मृत्यु होने की खबर दुःखद व दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा की , शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं है, में ईश्वर से मृतकों की आत्मा की शान्ति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य होने की कामना करती हूँ।