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Kota: हाई पैकेज की नौकरी छोड़ने के बाद शुरू किया स्टार्टअप, प्रेणादायक है CA पल्लवी की सफलता की कहानी

कोटा की पल्लवी गर्ग ने अपनी हाई सैलरी वाली नौकरी छोड़कर स्टार्टअप की दुनिया में कदम रखा और अब वह देश-विदेश की कई कंपनियों को चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में सेवाएं प्रदान कर रही हैं।

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कोटा

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Akshita Deora

Jan 17, 2026

Photo: Patrika

कोटा की CA पल्लवी गर्ग ने हाई सैलरी वाली नौकरी छोड़कर स्टार्टअप की दुनिया में कदम रखा और अब वह शहर ही नहीं, बल्कि देश-विदेश की कंपनियों को भी सेवाएं दे रही हैं।

एक प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी करने के बाद उनकी शादी कोटा में हुई, तो उन्होंने यहीं रहते हुए कुछ नया करने का संकल्प लिया और अपनी प्रतिभा व अनुभव का उपयोग करते हुए स्टार्टअप की शुरुआत की। पिछले दो से तीन वर्षों में ही उन्होंने अपनी अलग पहचान बना ली है।

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देश-विदेश के क्लाइंट्स को कर रही हैंडल

पल्लवी बताती हैं कि जब कार्य स्थानीय स्तर पर होता है, तो आमने-सामने बैठकर बातचीत और निर्णय लेना आसान होता है, लेकिन दूरस्थ स्थानों पर काम करते समय विश्वास सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उसी विश्वास को बनाना और लंबे समय तक बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है, जिसमें वे सफल रही हैं।

वह बताती है कि देश के बाहर सीपीए कंपनियों के साथ उन्होंने टाई-अप किया हुआ है। ये कंपनियां उन्हें क्लाइंट्स उपलब्ध कराती हैं, जिनकी आवश्यकताओं को भारत से पूरा किया जाता है। संबंधित कार्यों को वहां की सीपीए फर्म प्रमाणित करती है। वर्तमान में उनके पास भारत के बाहर भी कई क्लाइंट्स हैं।

कोटा के शुभम परफेक्ट फिट टैलेंट की तलाश को कर रहे पूरा

शुभम कंसल कंपनियों और इंजीनियरिंग टीमों के लिए ‘परफेक्ट फिट’ टैलेंट की तलाश को आसान कर रहे हैं। आइआइटी रुड़की से ग्रेजुएट शुभम कंसल ने एक दशक तक देश-विदेश की कई प्रतिष्ठित कंपनियों में लीडरशिप भूमिकाएं निभाईं। इस दौरान उन्होंने महसूस किया कि किसी भी स्टार्टअप की सफलता के लिए टैलेंट डेंसिटी सबसे महत्वपूर्ण है। 2000 से अधिक टेक्निकल इंटरव्यू लेने के बाद उन्होंने पाया कि अक्सर फाउंडर्स, लीडर्स और स्वयं इंजीनियर्स का करीब 20 फीसदी समय सिर्फ इंटरव्यू लेने और स्क्रीनिंग करने में ही निकल जाता है।

इसी समस्या को सुलझाने के लिए शुभम ने अपना स्टार्टअप मौका शुरू किया। शुभम और उनकी टीम उम्मीदवारों की सिर्फ टेक्निकल स्किल्स ही नहीं, बल्कि उनकी कार्यशैली का मूल्यांकन करती है। आज वे देश-विदेश की कंपनियों को ऐसे रेफरल-ग्रेड इंजीनियर्स उपलब्ध करवा रहे हैं, जिससे पूरी टीम का कीमती समय बचता है और वे अपना पूरा ध्यान सिर्फ प्रोडक्ट बनाने पर लगा सकते हैं।