18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नई पीसीआर मशीन हुई स्ट्रॉल, कोरोना सेम्पल की हुई जांच

कोटा मेडिकल कॉलेज में नई पीसीआर मशीन आ चुकी। दिल्ली से आए इंजीनियर ने इसे शनिवार को स्ट्रॉल कर दी। उसके बाद रविवार को पहली बार कोरोना सेम्पल की जांच हुई। यहां पहले दिन 23 सेम्पल लगे है। इस मशीन के लगने से जांच का दायरा बढ़ जाएगा।

less than 1 minute read
Google source verification

कोटा

image

Abhishek Gupta

Mar 29, 2020

कोटा मेडिकल कॉलेज का मामला

नई पीसीआर मशीन हुई स्ट्रॉल, कोरोना सेम्पल की हुई जांच

कोटा. कोटा मेडिकल कॉलेज में नई पीसीआर मशीन आ चुकी। दिल्ली से आए इंजीनियर ने इसे शनिवार को स्ट्रॉल कर दी। उसके बाद रविवार को पहली बार कोरोना सेम्पल की जांच हुई। यहां पहले दिन 23 सेम्पल लगे है। इस मशीन के लगने से जांच का दायरा बढ़ जाएगा। माइक्रोबॉयलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. घनश्याम सोनी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में नई पीसीआर मशीन आ चुकी। इंजीनियर ने उसे स्ट्रॉल भी कर दिया। रविवार को स्वाइन फ्लू व कारोना समेत 23 सेम्पल लगे है।

कोच व खिलाडिय़ों ने बदला ट्रेनिंग का तरीका, ऑनलाइन या छतों पर ले रहे प्रशिक्षण

गौरतलब है कि यह नई मशीन कोटा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना के प्रयासों से केन्द्र सरकार से स्वीकृत कराई गई। 28 लाख की लागत से नई पीसीआर मशीन वैसे तो एमआरएस लैब में कैंसर, ब्लड प्रेशर, लकवा, स्ट्रोक के रिलेटेड रिसर्च में काम आएगी। लेकिन फिलहाल इसे कोरोना सेम्पल की जांच के लिए काम में लिया। उसके बाद उसे अन्य रिसर्च कार्यों में लिया जाएगा। इस मशीन से एक बार में 34 सेम्पल लग सकेंगे। ऐसे में पूरे 24 घंटे में चार राउंड में 150 तक टेस्ट होंगे। इससे सेम्पल जांच की संख्या बढ़ जाएगी।
...............
पुरानी मशीन से चला रहे थे काम
संभाग मुख्यालय होने के बावजूद कोटा में कोरोना सेम्पल की जांच नहीं हो रही थी। उन सेम्पलों को जयपुर या झालावाड़ भेजा जा रहा था। इससे मरीजों की रिपोर्ट दूसरे दिन मिल रही थी। ऐसे में कोटा मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पहल करते हुए बुधवार से पुरानी स्वाइन फ्लू जांच मशीन से ही कोरोना सेम्पल की जांच
की सुविधा शुरू की थी। इसमें करीब एक बार में 22 सेम्पलों की जांच हो रही थी।