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महावीर नगर थाना क्षेत्र में गुरुवार रात स्कूटर हटाने के मामूली विवाद में मैकेनिक की हत्या के मामले में शुक्रवार को परिजनों ने धरना दिया। उन्होंने शव लेने से इनकार कर दिया। हालांकि प्रशासन के आश्वासन के बाद परिजनों ने शव मोर्चरी से उठाया।
डीएसपी मनीष शर्मा ने बताया कि मृतक सुरेंद्र जाटव के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।उन्होंने बताया कि अहिंसा सर्किल के पास मैकेनिक की दुकान के बाहर खड़े स्कूटर को हटाने को लेकर झगड़े में कार सवार बदमाशों ने दुकानदार और उसके नौकर पर डंडों व धारदार हथियारों से हमला कर दिया था। इस हमले में दुकानदार का नौकर सुरेंद्र जाटव गंभीर घायल हो गया, जिसकी बाद में मौत हो गई थी। वहीं, दुकान मालिक इश्तियाक मोहम्मद को घायल अवस्था में मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में भर्ती कराया था।
हमले का सीसीटीवी वीडियो वायरल
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें दुकान के बाहर स्कूटर खड़ा दिखाई दे रहा है। कार सवार कुछ युवकों ने स्कूटर हटाने को कहा, जिस पर कहासुनी शुरू हो गई। यह कहासुनी बढ़ते-बढ़ते झगड़े में बदल गई और युवकों ने हमला कर दिया। इस हमले में सुरेंद्र गंभीर घायल हो गया और अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
अभी तक सिर्फ स्कूटर हटाने का विवाद ही सामने आया
डीएसपी शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यही सामने आया कि विवाद स्कूटर हटाने को लेकर हुआ था। फिलहाल हत्या के पीछे अन्य कोई कारण सामने नहीं आया है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की जा चुकी हैं और कार नंबर के आधार पर जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
मृतक के परिजनों ने 4 घंटे दिया धरना
सुरेंद्र जाटव के परिजनों ने शुक्रवार को न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के गेट नंबर 4 पर धरना दिया। उनकी मांग थी कि परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए, सुरेंद्र की पत्नी को नौकरी मिले और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। धरना सुबह 10 बजे शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चला। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने समझाइश कर परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए राजी किया।धरने में पीसीसी महासचिव राखी गौतम भी शामिल हुईं। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और प्रशासन से न्याय की मांग की। गौतम ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रशासन इतनी बुरी तरह विफल हो चुका है कि 24 घंटे बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। उन्होंने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा व एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की।
परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब
सुरेंद्र दो भाइयों में बड़ा था और पिछले तीन-चार वर्षों से मैकेनिक के तौर पर काम कर रहा था। उसके दो बेटियां और एक बेटा है। एडिशनल एसपी दिलीप सैनी के अनुसार, सुरेंद्र पर हाउस लोन भी चल रहा था और परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। परिजनों ने लोन की पेनल्टी माफ करने की मांग की है।
प्रशासन ने दिया आश्वासन
मौके पर पहुंची एडीएम कृष्णा शुक्ला ने परिजनों से बातचीत कर सहमति बनाई। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि सरकारी योजनाओं के तहत पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलवाई जाएगी, सुरेंद्र की पत्नी को प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से नौकरी दिलवाने की कोशिश की जाएगी और बैंक से बातचीत कर पेनल्टी माफ करवाई जाएगी। पुलिस ने कहा कि आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
Published on:
11 Apr 2025 06:50 pm
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