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ऐसा क्या हुआ कि अब मंदरगढ़ गांव के बच्चे नहीं रहेंगे ​शिक्षा से वंचित

श्रीमीणा समाज विकास समिति ने आदिवासी गांव मंदरगढ़ को लिया गोद

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Mukesh Sharma

Jan 17, 2023

कोटा. श्रीमीणा समाज विकास समिति की ओर से मंगलवार को लाडपुरा पंचायत समिति के दुर्गम भौगोलिक व आधारभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे मंदरगढ़ गांव को गोद लेने की घोषणा की। समिति की ओर से आयोजित किए गए गांव में शिक्षा व चिकित्सा शिविर के दौरान समिति निर्देशक आरडी मीणा ने यह घोषणा की।


मंदरगढ़ में विद्यालयी बच्चों को गर्म वस्त्र व स्कूल बैग वितरण समारोह में समिति निर्देशक आरडी मीणा ने कहा कि गांव दुर्गम क्षेत्र में होने के कारण शैक्षणिक, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ है। ऐसे में समिति ने संकल्प लिया है कि गांव के उच्च शिक्षा चाहने वाले स्कूली बच्चों व प्रतिभावान बच्चों की हर संभव मदद करेगी। गांव के 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को हॉस्टल, भोजन की व्यवस्था समिति करेगी। अध्ययन के लिए जयपुर जाने वाले बच्चों की भी समिति पूरी मदद करेगी। समिति गांव के बच्चों की शिक्षा का ज़िम्मा उठाकर शैक्षणिक उत्थान में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि गांव में समय-समय पर चिकित्सा शिविर, जागरुकता शिविर समेत अन्य शिविर लगाए जाएंगे। समिति पदाधिकारियों ने मंदरगढ़ पहुंचकर 180 विद्यालयी बच्चों को गर्म वस्त्र व स्कूल बैग वितरित किए। इस दौरान आदिवासी बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुतियां दी। अतिथियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन कर उन्हें पुरस्कार वितरित किए।

जीवन भर निशुल्क सेवा का लिया संकल्प
इस दौरान मंदरगढ़ स्कूल परिसर में आयोजित चिकित्सा शिविर में चिकित्सकों ने ग्रामीण रोगियों को परामर्श दिया और निशुल्क दवाइयां वितरित की। समिति सदस्य डॉ. एचएल परिहार ने संकल्प लिया कि वह मंदरगढ़ के ग्रामीणों का जीवन भर निशुल्क इलाज करेंगे। इस दौरान वरिष्ठ चिकित्सक डॉ सीबी दास गुप्ता ने बच्चों का परामर्श देकर दवाइयां दी। उन्होंने समय-समय पर गांव में शिविर आयोजित करने की घोषणा की। कार्यक्रम में रिटायर्ड आरएएस रामजीवन लाल मीणा, उप प्रधान अशोक मीणा, सरपंच कजोड़मल गुर्जर, प्राचार्य मधु भाटिया समेत अन्य मौजूद रहे।