कोटा में विकसित विश्व स्तरीय सिटी पार्क ऑक्सीजोन रविवार से आमजन के लिए खोल दिया जाएगा। संवेदक फर्म इसका संचालन करेगी। सिटी पार्क का प्रवेश शुल्क प्रति व्यक्ति 100 रुपए व विद्यार्थियों को आईडी कार्ड दिखाने पर 50 प्रतिशत रियायत दर पर 50 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है।
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न्यास सचिव मानसिंह मीणा ने बताया कि विश्व स्तरीय सिटी पार्क को 17 सितम्बर रविवार 12 बजे से आमजन के लिए खोल दिया जाएगा। जिसमें सुबह 12 से रात 10 बजे तक प्रवेश किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि सिटी पार्क का 13 सितम्बर को मुख्यमंत्री ने लोकार्पण किया था।
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सिटी पार्क की खासियत
पार्क में मुख्य आकर्षण 65 हजार पेड़-पौधे, वर्ड एवियरी, पंटिंग कैनाल, आर्ट हिल, साइकिलिंग ट्रैक, जॉगिंग ट्रैक, एम्फीथियटर पार्क मैं 26 मीटर ऊंची और 45 मीटर लम्बी बर्ड एवियरी बनाई गयी है जो अंडाकार है जिसमें देशी विदेशी परिंदे रखे जायगें। इस एवियरी के अंदर जाकर छात्र रंग बिरंगे परिंदो को देख सकेंगे।
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आर्ट हिल
आर्ट हिल नामक एक नायाब आकर्षण निर्मित किया गया हैं जो ऊपर से किसी 30 मीटर उंची पहाड़ी की तरह नजऱ आता है जबकि वह अंदर से एक आर्ट गैलरी है। इस आर्ट हिल के मध्य में एक लिफ्ट लगाई गई है जो 30 मीटर ऊंचाई तक जाकर शहर का नज़ारा दिखाएगी। इस आर्ट हिल के ऊपर एक गिलास टॉप रूफ रेस्टोरेंट भी बनाया गया है जहां छात्र और पर्यटक दिलकश व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे। म्यूजिकल फॉउन्टेंस के साथ काइनेटिक रोटरी नामक घूमने वाली रोटरी है जो वैज्ञानिक आधार पर बनाई गई है जो हवा के दबाव से चल रही है।
आधा दर्जन सकल्पचर्स व मूर्तियां
सिटी पार्क में छोटे बड़े करीब आधा दर्जन सकल्पचर्स और मूर्तियां लगाई गई है जो न केवल दिखने में खूबसूरत होंगी बल्कि विज्ञान और तर्कशीलता को बढ़ाएंगी। इसमें विश्व प्रख्यात वैज्ञानिकों की मूर्तियां लगाई जा रही हैं जिनमे अल्बर्ट आइंस्टीन, इसाक न्यूटन और भारतीय वैज्ञानिक जेसी बोस शामिल हैं। वहीं एक 9 स्क्वायर मीटर का उल्टा पिरामिड बनाया जा रहा है जिस पर कोरियाई शीट्स लगाई गई हैं। जिस पर विज्ञान से सम्बंधित डाक्यूमेंट्री फिल्में दिखाई जाएगी। छात्रों और पर्यटकों में ग्लोबल वार्मिंग के प्रति जागरूकता बढऩे के लिए एक कृत्रिम ज्वालामुखी का प्रतिरूप भी यहां देखने को मिलेगा जिसका आभामंडल ज्वलंत ज्वालामुखी जैसा एहसास करा रहा हैं।
प्ले जोन व फूड एरिना
छात्रों और पर्यटकों के लिए प्ले जोन और फ़ूड एरिना भी बनाया गया है। नॉलेज इस फ्रीडम नामक मूर्ति बनाई गयी है जिसमे एक टावर पर छात्र को पढ़ता हुआ दिखाया गया है। साथ ही एक ट्रीमैन नामक दूसरी कलाकृति में आधा इंसान और आधा पेड़ दिखाया है जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया है। एक एम्फी थिएटर भी बनाया जा रहा है ताकि नाटकों और दूसरे रचनात्मक आयोजन हो सके। इस पार्क के 72 प्रतिशत क्षेत्र में सघन पेड़ पौधे हैं जबकि 16 प्रतिशत क्षेत्र मेंं तालाब और नहरे बन रही है। मौजूदा इंटरनेट के युग को देखते हुए वाई फाई जोन भी बनाया गया है। साथ ही ओपन जिम भी यहां विकसित की गई है।