28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कोटा
कोटा के सरकारी अस्पतालों के हाल: कहीं लगे है गन्दगी के ढ़ेर तो कहीं लम्बी कतारे
Play video

कोटा के सरकारी अस्पतालों के हाल: कहीं लगे है गन्दगी के ढ़ेर तो कहीं लम्बी कतारे

संविदाकर्मियों की हड़ताल बिगडऩे लगे अस्पतालों में हालात
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोटा

•

image

Shailendra Tiwari

•

Updated: 26 Jun 2018, 1:21 PM IST

कोटा. संविदाकर्मियों की हड़ताल से एमबीएस चिकित्सालय व जेके लोन में हालात बिगडने लगे हैं। सफाई-व्यवस्था चौपट है। जगह-जगह गंदगी के ढेर हैं। बायोवेस्ट व अन्य गंदगी समय पर नहीं उठने से संक्रमण का खतरा बढ़ रहा। जेके लोन में गर्भवती महिलाओं व बच्चों को संक्रमण का अधिक खतरा है। हालांकि अस्पताल प्रशासन स्थाई कर्मचारियों से सफाई करा रहा है लेकिन इनकी संख्या कम होने से व्यवस्था बैठ नहीं पा रही। अस्पताल प्रशासन ने निगम के 20 कर्मचारियों से सफाई करवाई और 5 टिपर कचरा उठवाया।

 

जो पिछले सात सालों में नहीं हुआ वो हुआ इस बार….


हड़तालियों का प्रदर्शन
इधर, हड़तालियों ने संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष भरत व्यास के नेतृत्व में अस्पताल परिसर में प्रदर्शन कर चेतावनी दी कि मांगें माने जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन कितना ही दबाव बना ले, हड़ताल समाप्त नहीं होगी।

 

आए थे ATM लूटने खुद ही हो गए शिकार



मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

हड़ताल से सबसे अधिक परेशान भर्ती मरीज व ओपीडी में दिखाने वाले हो रहे हैं। वार्डों में दुर्गंध से बुरा है, ओपीडी में हाथ से पर्ची बनाने में समय लग रहा है, लम्बी कतारें लग रही हैं। केश काउंटर, भामाशाह काउंटर सहित कई जगह समस्या आ रही है। परिजन ट्रॉलियों पर अपने मरीज को लेकर भटक रहे हैं। काउंटर संख्या कम होने से दवाएं लेने वालों को घंटों परेशान होना पड़ रहा।

 

अगर नहीं सुधरे हम तो धरती का डूबना तय

 

बना रहे हैं व्यवस्था
स्थाई कर्मचारियों से व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है। गदंगी नहीं हो इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारी लगाकर कचरा उठवा गया।
-डॉ. नवीन सक्सेना, अधीक्षक एमबीएस चिकित्सालय