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लापरवाही पर डॉक्टर चौधरी की सेवाएं समाप्त

डॉ. चौधरी का यह कृत्य गंभीर अनुशासनहीनत की श्रेणी में आता है

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कोटा

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Deepak Sharma

Apr 13, 2020

लापरवाही पर डॉक्टर चौधरी की सेवाएं समाप्त

लापरवाही पर डॉक्टर चौधरी की सेवाएं समाप्त

कोटा. कोरोना संक्रमण रोकने के लिए मेडिकल कॉलेज की गठित रेपिड रेस्पॉन्स टीम में काम नहीं करने पर माइक्रोबॉयलॉजी विभाग के वरिष्ठ प्रदर्शक डॉ. राकेश कुमार चौधरी की सेवाएं समाप्त कर दी गई।

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मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना ने इस संबंध में आदेश जारी किए हंै। जारी आदेश में बताया गया है कि माइक्रोबॉयलॉजी विभाग के डॉ. चौधरी की ड्यूटी कोविड 19 के नियंत्रण कार्यक्रम में छठी रेपिड रेस्पोंस टीम में लगाई गई थी, लेकिन वे उक्त टीम में काम नहीं कर रहे है। कोरोना वैश्विक महामारी में उन्होंने ड्यूटी करने से मना करना घोर लापरवाही व अनुशासनहीनता का द्योतक है। डॉ. चौधरी का यह कृत्य गंभीर अनुशासनहीनत की श्रेणी में आता है। इस आधार पर उनकी सेवाएं समाप्त की जाती है।

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सर्वे दोबारा करवाने की मांग

कोटा. राज्य सरकार के निर्देश पर नगर निगम और प्रशासन ने लॉक डाउन के दौरान गरीबों को राशन सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जो सर्वे किया है, इसमें 12 हजार लोगों को ही पात्र माना है। इस सर्वे पर कांग्रेस की शहर उपाध्यक्ष राखी गौतम ने दोबारा सर्वे करवाने की मांग की है। जिला उपाध्यक्ष गौतम ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री तथा नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति कुमार को पत्र लिखकर गरीबों का सर्वे नए सिरे से करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सर्वे जमीनी हकीकत से दूर है। इसमें सैकड़ों की संख्या में पात्र लोगों को शामिल नहीं किया गया है।