
सामुदायिक शौचालय
कोटा . नगर निगम की ओर से शहर को खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) करने के प्रयास तेज किए गए हैं। अब तक शहर में 2100 शौचालय बनाए जा चुके हैं। सामुदायिक शौचालय भी बनाए जाएंगे। जनवरी में होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रैंकिंग के लिए निगम प्रयास में जुटा है। स्वच्छता को लेकर कोटा उत्तर के पार्षदों की गुरुवार को हुई बैठक में आयुक्त डॉ. विक्रम जिंदल ने यह बात कही।
बाधाएं प्राथमिकता से दूर करें
जिंदल ने बताया कि व्यक्तिगत शौचालय बनवाने के साथ-साथ सामुदायिक शौचालय बनवाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। इस कार्य में जो भी बाधाएं हैं, उन्हें प्राथमिकता से दूर किया जा रहा है। आने वाले समय में शहर में बड़ी संख्या में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण पूर्ण कर लिया जाएगा। स्वच्छता सर्वेक्षण में कोटा बेहतर प्रदर्शन कर सके, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर व्यक्तिगत या सामुदायिक शौचालय बनाना संभव नहीं है, वहां कम्युनिटी पिट के माध्यम से समस्या को दूर किया जाएगा। इसके लिए निविदा जल्द जारी कर 15 दिन में कार्यादेश जारी करने के प्रयास किए जाएंगे। बैठक में महापौर महेश विजय ने कहा कि निगम शहर को ओडीएफ बनाने के लिए कृत संकल्पित हैं।
डोर-टू-डोर कलेक्शन के लिए मिलेंगे टीपर
पार्षदों ने डोर-टू-डोर कलेक्शन के लिए टीपर उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। महापौर व आयुक्त ने आश्वस्त किया कि निगम ने टीपर की खरीद प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। जिन वार्डों में टीपर संचालन के लिए चालक उपलब्ध हैं, वहां प्राथमिकता से टीपर उपलब्ध करवा दिए जाएंगे।
मुख्य मार्ग के लिए दें श्रमिक
बैठक में सफाई समिति द्वितीय के अध्यक्ष इंद्रकुमार जैन व पार्षद बृजेश शर्मा नीटू ने कहा कि नदी पार क्षेत्र में मुख्य मार्गों पर सफाई के लिए अलग से श्रमिक नहीं होने से समस्या आती है। कुछ दिनों से इसी बात को लेकर विवाद भी बना हुआ है। वहां मुख्य मार्गों की सफाई के लिए 30 श्रमिक अलग से उपलब्ध करवाए जाएं।
Published on:
08 Dec 2017 02:49 pm

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