
कोटा. प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों को अब तम्बाकू नियंत्रण का पाठ पढ़ाया जाएगा। उन्हें अपने विभिन्न स्तर के प्रशिक्षणों के दौरान तम्बाकू नियंत्रण के लिए कोटपा एक्ट पढ़ाया जाएगा। संभाग स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों के केन्द्रों पर उन्हें विभिन्न सत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। हरिश्चन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान ने इस सम्बन्ध में अपने सभी संकाय अधिकारियों को आदेश दिया है।
इसमें बताया जाएगा कि तम्बाकू के उपयोग पर किस तरह से नियंत्रण किया जा सकता है। जयपुर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर तथा बीकानेर के अपने सभी संकाय अधिकारियों, शिक्षकगण को निर्देश दिए हैं कि वे सभी प्रक्षिक्षण पाठ्यक्रमों में कोटपा एक्ट से सम्बन्धित जागरूकता एवं तम्बाकू नियंत्रण नीतियों पर एक सत्र रखें।
वाग्धारा ने की थी पहल
बांसवाड़ा समेत अन्य क्षेत्रों में तम्बाकू नियंत्रण व अन्य क्षेत्रों में कार्य करने वाली संस्था ने लोक प्रशासन संस्थान को इस मामले में अवगत करवाया था कि कोटपा एक्ट की जानकारी नहीं होने से तंबाकू नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी तम्बाकू नियंत्रण की धाराओं से अवगत होकर तम्बाकू नियंत्रित में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। विभाग के इस कदम से अधिकारियों को कोटपा सम्बन्धित सभी जानकारी प्राप्त होगी तथा इस अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन हो सकेगा। इसलिए हरिश्चंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संसथान के पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाना चाहिए। प्रमुख शासन सचिव प्रक्षिशण अश्विनी भगत के आदेश पर विभाग ने ये आदेश जारी किए हैं।
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यह होगा फायदा
वाग्धारा के जयेश जोशी व कोटा जिला कॉर्डिनेटर अंकुर सामरिया के अनुसार अपने-अपने क्षेत्र में जाकर कार्य करने वाले अधिकारी जब पहले पूरी जानकारी और प्रक्षिशण प्राप्त कर चुके होंगे तो इस अधिनियम को लागू करने में अपनी महती भूमिका निभाकर बच्चों और युवाओं को तम्बाकू सेवन के में फंसने से रोक सकते हैं। इससे राज्य को तम्बाकू मुक्त करने की उनकी मुहीम को बल मिलेगा।