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Bhamashahmandi: पांच दिन में डेढ़ किमी की दूरी तय, किसान परेशान, कैसे मनाएंगे दिवाली

भामाशाहमंडी में मंगलवार को ढाई लाख कट्टे जिन्स की आवक हुई। कृषि जिन्स की भारी आवक से मंडी ठसाठस भर गई है। लगातार आवक होने से मंडी से अनाज का उठाव नहीं हो रहा है। इस कारण किसान कृषि जिन्स से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व ट्रक लेकर पांच-सात दिन से मंडी के बाहर खड़े हैं।

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भामाशाहमंडी में मंगलवार को ढाई लाख कट्टे जिन्स की आवक हुई। कृषि जिन्स की भारी आवक से मंडी ठसाठस भर गई है। लगातार आवक होने से मंडी से अनाज का उठाव नहीं हो रहा है। इस कारण किसान कृषि जिन्स से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व ट्रक लेकर पांच-सात दिन से मंडी के बाहर खड़े हैं। दिवाली की खरीदारी के लिए किसान हाड़ौती व मध्यप्रदेश से कृषि जिन्स लेकर आ रहे हैं। किसानों के सामने दिक्कत यह हो रही है कि माल नहीं मिलने से वह दिवाली की खुशियां कैसे मनाएंगे।

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रात तीन से सुबह 6 बजे तक एन्ट्री
मंडी में करीब 1.75 लाख बोरी धान की नीलामी हुई। इतना ही धान मंडी के बाहर ट्रकों व ट्रैक्टर ट्रॉलियों में भरा हुआ था। भारी आवक के कारण कतार में खड़े जिंसों से भरे वाहनों को पांच-सात दिन में भी मंडी में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। माल का उठाव करने के लिए मंडी में कृषि जिंसों से भरे वाहनों की एंट्री केवल देर रात 3 से 6 बजे ही दी जा रही है।

मध्यप्रदेश से 70 प्रतिशत धान की आवक
मंगलवार को 1.75 लाख बोरी धान की आवक हुई और इतना ही धान बाहर खड़े वाहनों में भरा हुआ था। धान की आवक में 70 प्रतिशत धान मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से आ रहा है। हाड़ौती अंचल से अभी मात्र 30 प्रतिशत ही आवक हो रही है।

पांच दिन में डेढ़ किमी वाहन खिसके
मध्यप्रदेश के श्योपुर से धान का ट्रक भरकर लाए किसान नवलकिशोर ने बताया कि 2 नवम्बर को डेढ़ किमी पीछे वाहनों की कतार में लगे थे। पांच दिन बाद मंगलवार को मंडी गेट के निकट पहुंच पाए हैं यानि पांच दिन में केवल डेढ़ किमी वाहन आगे खिसक पाए हैं।

झगड़े की नौबत आ रही
मध्यप्रदेश के बीना से धान लेकर आए किसान मदन सिंह ने बताया कि देर रात 3 बजे मंडी गेट खोलते है और 5.30 व 6 बजे ही बंद कर देते है। कुछ गाडियां ही अन्दर लेते है। 5-6 दिन से ज्यादा हो गया कतार में लगे हुए। चालक व किसान परेशान हो रहा है। जब गेट खोलते है तो गाड़ी आगे लेने के चक्कर में झगड़े हो रहे और गाडिय़ों में भी नुकसान हो रहा है।

भूखे प्यास खड़े
मध्यप्रदेश के श्योपुर से आए किसान लक्ष्मण सिंह ने बताया कि सडक़ पर वाहनों की 5 कतारे लगी हुई है। इनमें से मात्र 3 कतारों में खड़े वाहनों को ही अन्दर ले रहे है। जबकि दो लाइनों में खड़े वाहन पिछले पांच दिन में एक इंच भी आगे नहीं खिसके हैं। भूखे प्यासे यहां बैठे हैं। यह सब गड़बड़ी यहां लगे पुलिसकर्मी कर रहे हैं।

बाहर की व्यवस्था पुलिस की
कोटा ग्रेन एण्ड सीड्स मर्चेन्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश राठी ने बताया कि मंडी प्रशासन केवल मंडी के अंदर व्यवस्था कर सकता है जो कर रहा है। बाहर की व्यवस्था पुलिस प्रशासन की है। प्रत्येक लाइन से 5-5 वाहनों को प्रवेश दिया जाएगा।