
श्रीनाथजी की चरण चौकी मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी का विरोध जताते हुए।
Kota news : शहर के दाढ़देवी माताजी मंदिर के निकट मोतीपुरा गांव में स्थित श्रीनाथजी की चरण चौकी के प्राचीन मंदिर और उसके पुजारी को अज्ञात जनों ने बम से उड़ाने की धमकी दी है। मामले में कैथून पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा के लिए मंदिर के निकट स्थायी पुलिस जाप्ता तैनात किया है। यहां पांच पुलिसकर्मी स्थायी रूप से तैनात किए गए हैं।
श्रीनाथजी की चरण चौकी मंदिर का संचालन श्रीनाथजी मंदिर नाथद्वारा मंडल के अधीन किया जाता है। यहां मोतीपुरा गांव के पुजारी सोहनलाल पुजा-सेवा का काम करते है। पुजारी सोहनलाल ने रिपोर्ट में बताया कि 15 अगस्त की रात 8 बजे के आसपास मंदिर के पास कुछ लोगों ने नॉनवेज बनाया था। इसका अपशिष्ट और गंदे बर्तनों को वे मंदिर के पास बहते पानी में धो रहे थे। इस पर जब मंदिर पुजारी सोहनलाल, सहयोगी त्रिलोक, तुलसी व जितेंद्र ने उनको मंदिर के पास धोने के लिए मना किया, तो करीब ढाई दर्जन लोग चाकू व हथियार लेकर मंदिर में प्रवेश कर गए और उन पर हमला करने की कोशिश ली। इस पर पुजारी ने मंदिर के गेट बंद कर अपनी जान बचाई। इन लोगों ने पुजारी और मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी भी दी। पुजारी ने इन लोगों से जान और मंदिर को खतरा बताते हुए मामला दर्ज करवाया है।
धार्मिक संगठनों ने मुख्यमंत्री से की कड़ी कार्रवाई की मांग
शहर के विभिन्न धार्मिंक संगठनों ने श्रीनाथजी की चरण चौकी और पुजारी को बम से उड़ाने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की है। विभिन्न धार्मिक संगठनों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भेेजे ज्ञापन में कडी कार्रवाई की मांग की है।
सनातन आस्था का केंद्र
प्राचीन श्रीनाथजी के चरण चौकी मंदिर में प्रतिदिन सैंकड़ों सनातनी दर्शन के लिए जाते हैं। मंदिर पुजारी को जान से मारने व मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले तत्वों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। मंदिर की सुरक्षा के लिए सुरक्षा बल तैनात हो, जिससे दर्शन के लिए जाने वाले सैंकड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकें।
इन्होंने जताया विरोध
पुजारी महासभा राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष रम्मू पंडित, प्रदेश महामंत्री दयानन्द शर्मा, प्रदेश संगठन मंत्री आनंद शर्मा, देहात जिलाध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने संयुक्त बयान जारी कर कैथून थाना क्षेत्र स्थित चरणचौकी के प्राचीन श्रीनाथजी के मंदिर के पुजारी को 15 अगस्त की रात्रि को मंदिर में घुसकर हमले करने के आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है।
श्रद्धालुओं ने धरना देकर जताया विरोध
मामले में देवालय सुधार समिति के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश जोशी, झरने के बालाजी के ललित पुजारी, जैन सेवा संस्थान राजकुमार जैन समेत श्रद्धालु मौके पर पहुंचे और घटना के विरोध में धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। श्रद्धालुओं ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलवाने की मांग की है। उन्होंने चरण चौकी मंदिर के निकट पुलिस चौकी स्थापित करने की भी मांग की है।
स्थायी रूप से जाप्ता तैनात
कोटा ग्रामीण जिला पुलिस अधीक्षक करन शर्मा ने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सुरक्षा के लिए मंदिर के निकट स्थायी पुलिस जाप्ता तैनात किया है। यहां पांच पुलिसकर्मी स्थायी रूप से तैनात किए गए हैं।
1726 में चरण चौकी में विराजे थे श्रीनाथजी
मंदिर मुखिया ने बताया कि संवत् 1726 में भगवान श्रीनाथजी बृज से नाथद्वारा पधारे थे, जो आज देशभर के कृष्णभक्तों की आस्था से जुड़ा तीर्थ है। उस दौरान श्रीनाथजी मार्ग में 6 स्थानों पर पधारे थे, जिनको चरण चौकी माना जाता है। इनमें उत्तरप्रदेश में छत्ता बाजार, मध्यप्रदेश के मुरैना में दंडोतीधार, कोटा के मोतीपुरा में कृष्ण विलास, किशनगढ में ऊंची गेल, जोधपुर में चौपसनी होते हुए वे श्रीनाथद्वारा के कृष्णभंडार में विराजे। सभी चरण चौकियों पर श्रीनाथजी की चरण पादुकाओं की नियमित पूजा-अर्चना की जाती है।
Published on:
16 Aug 2024 11:29 pm
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