
महंत देवानंद महाराज की फाइल फोटो और ज्ञापन देते लोगों की तस्वीर: पत्रिका
Kota Mahant Devanand Murder Case: कोटा के चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के छह दिन बाद पुलिस मामले के अहम आरोपियों तक पहुंच गई। इस हत्याकांड का खुलासा गुरुवार को किए जाने की संभावना है। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार महंत की हत्या सुपारी देकर भाड़े के बदमाशों से करवाई गई थी। महंत के एक करीबी व्यक्ति ने ही हत्या की पूरी साजिश रची और बदमाशों से संपर्क स्थापित किया था। सूत्रों के मुताबिक महंत और उनके करीबी के बीच ट्रस्ट गठन को लेकर विवाद चल रहा था। हत्या को अंजाम देने वाले बदमाश कोटा शहर के ही बताए जा रहे हैं जिनमें से एक-दो को पुलिस ने पकड़ लिया है।
सूत्रों के अनुसार तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के विश्लेषण के आधार पर पुलिस मुख्य संदिग्ध तक पहुंच गई है। जांच में सामने आया कि महंत द्वारा गठित की जा रही नई ट्रस्ट को लेकर विवाद चल रहा था। प्रस्तावित ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वयं महंत देवानंद महाराज बनना चाहते थे। इसके अलावा ट्रस्ट में 30 सदस्यों को ट्रस्टी बनाया जाना था। करीब तीन माह पूर्व ट्रस्ट के गठन के लिए देवस्थान विभाग में आवेदन किया गया था। बाद में महंत के एक करीबी ने ही इस पर आपत्ति दर्ज करवा दी थी। इस मामले में 10 जून को फैसला प्रस्तावित था।
सूत्रों के अनुसार मठ से जुड़े एक संत, जो वर्तमान में दिल्ली में रहते हैं, नई ट्रस्ट के गठन से नाखुश बताए जा रहे हैं। वे किसी भी स्थिति में नहीं चाहते थे कि महंत देवानंद महाराज नई ट्रस्ट के अध्यक्ष बनें। पुलिस अब ट्रस्ट विवाद और हत्याकांड के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि हत्या के पीछे निजी, धार्मिक और ट्रस्ट प्रबंधन से जुड़े विवादों की भूमिका हो सकती है।
पुलिस को मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। वारदात से पहले और बाद में सक्रिय रहे कुछ मोबाइल नंबर जांच के केंद्र में हैं। तकनीकी विश्लेषण के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की लोकेशन और उनके आपसी संपर्कों का मिलान किया गया, जिससे जांच टीम मुख्य संदिग्ध तक पहुंचने में सफल रही।
सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले में एक वकील की भूमिका भी जांच के दायरे में है। तकनीकी जांच के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं, जिनके आधार पर उसकी गतिविधियों और संपर्कों की गहन पड़ताल की जा रही है। तीन संदिग्धों में से एक व्यक्ति को शहर की एक कच्ची बस्ती क्षेत्र से हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
महंत हत्याकांड के आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में मंगलवार को संत समाज और सनातन धर्म अखाड़ा समिति के पदाधिकारियों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मामले का शीघ्र खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई। महामंडलेश्वर साध्वी हेमा सरस्वती ने कहा कि यदि हत्यारों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो संत समाज, सर्व हिंदू समाज के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में महामंडलेश्वर गोविंद दास महाराज, रामदास महाराज, दशरथ दास महाराज, प्रमोद चतुर्वेदी, सुमेर सिंह हाड़ा, सियाराम नागर, रामचरण लोधा सहित कई पदाधिकारी एवं समाजजन शामिल रहे।
पुलिस को इस मामले में कई अहम सुराग मिल चुके हैं। हमारी कोशिश है कि पूरे मामले का जल्द खुलासा किया जाए।
तेजस्वनी गौतम, सिटी एसपी
Published on:
11 Jun 2026 08:18 am
बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
