
भैंसरोडग़ढ़ अभयारण्य में क्रॉकोडाइल प्वाइंट की ओर जाने वाला रास्ता, जिसकी बारिश के कारण हालत खस्ता है।
रावतभाटा. भैंसरोडगढ़ वन्य जीव अभयारण्य में पिछले तीन सालों में पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है। विशेषकर बड़ी तादाद में देशी पर्यटक यहां पहुंचने लगे हैं। इसका मुख्य कारण क्रॉकोडाइल प्वाइंट है। इसके अलावा वाच टावर, डेम व्यू पॉइंट, न्यूक्लीयर पॉवर व्यू पॉइंट, पाड़ाझर झरना, रिछा खो, कलसिया महादेव, चूलिया फॉल सहित अन्य स्थल पर्यटकों को लुभाने में सफल हो रहे हैं।
वनरक्षक विनोद यादव ने बताया कि भैंसरोडगढ़ वन्य जीव अभयारण्य में सबसे ज्यादा पर्यटक अगस्त से अक्टूबर माह में आते हैं। उन्होंने बताया कि री लोकेशन सेन्टर से क्रॉकोडाइल पाइंट तक इको ट्रेल व रास्ता बनाया गया है। अत्याधिक बारिश होने से रास्ते में कई जगह गड्ढे हो गए हैं जिनमें पानी भर गया है। इससे पर्यटकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। दुपहिया वाहनों पर आने लोग फिसलते हैं। जल्द ही रास्ते पर ग्रेवल डलवाई जाएगी। इको ट्रेल को भी दुरुस्त किया जाएगा। इस पर करीब डेढ़ लाख रुपए खर्य होगा।
क्रॉकोडाइल पॉइंट पहली पसंद
यहां पर्यटकों को सबसे ज्यादा पसंद क्रॉकोडाइल पाइंट आता है। यहां सर्दियों में काफी पर्यटक आते हैं। यहां किनारे पर बैठकर 60 से 70 मगरमच्छों को आसानी से देखा सकता है। अभयारण में इसका विशेष महत्व है।
होर्डिंग लगाए जाएंगे
भैंसरोडगढ़ वन्य जीव अभ्यारण के अधिकारियों का कहना है कि पर्यटकों को आकर्षित करने पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि पिछले कुछ सालों में पर्यटक यहां आने लगे हैं। जिससे राजस्व भी बढ़ा है। शहर के प्रमुख इलाकों में २० से ज्यादा होर्डिंग लगाए जाएंगे। जिन पर क्रॉकोडाइल, पैंथर सहित वन्य जीवों के चित्र प्रदर्शित किए जाएंगे।
यह है शुल्क
अभयारण्य मेें वाहनों में प्रवेश का शुल्क वसूला जाता है। इसके तहत 70 रुपए ऑटो रिक्शा, 220 रुपए चौपहिया वाहनों से प्रवेश शुल्क लिया जाता है। इसके अलावा प्रति व्यक्ति शुल्क अलग से है। 330 प्र्रति विदेशी से वसूले जाते हैं। 55 रुपए प्रति भारतीय व्यक्ति व 25 रुपए प्रति विद्यार्थी से शुल्क लिया जाता है।
पर्यटकों से आय
वर्ष 2016 -17 : 91 हजार 610 रुपए
वर्ष 2017-18 : 1 लाख 4 हजार 790 रुपए
वर्ष २०१८-१९ : 2 लाख 73 हजार 490 रुपए
Published on:
02 Sept 2019 08:30 am

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