दोबारा मथुरा से बंदर पकड़वाने वालों को बुलाया, उन्होंने इन्हे पकड़ा। बंदर को पकडऩे वाले वसीम, फिरोज व सोयल खान ने बताया कि बंदर को बड़ी मुश्किल से पकड़ा। आठ से 10 मकानों की छतों पर पिंजरे रखे गए, लेकिन यह पकड़ में नहीं आया। मंगलवार को बड़ी मुश्किल से पकड़ में आया। रामधनी ने बताया कि इन कर्मचारियों के अलावा आकाश कुशवाह, दुर्गेश कुशवाह अजय सिंह समेत अन्य लोगों ने बंदर को पकडऩे में मदद की। बंदर को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। कोई पिजंरे से दिखते बंदर को चिढ़ा रहा था तो कोई पिंजरा बजाकर। बंदर को जब पकड़ा गया तब लोगों ने राहत की सांस ली।