
जयकारों के बीच भगवान जिनेन्द्र का किया अभिषेक
कोटा . दिगम्बर जैन समाज के बुधवार से दसलक्षण धर्म पर्व प्रारम्भ हो गए। इसी के साथ मंदिरों में श्रद्धा की बयार चल पड़ी। पर्व 9 सितंबर तक चलेंगे। इस दौरान विशेष धर्म, ध्यान किया जाएगा। सकल दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष विमल जैन नांता भादव शुक्ल चतुर्थी बुधवार को दस लक्षण पर्व का पहला दिन उत्तम क्षमा के रूप में मनाया गया। संतों ने क्षमा का महत्व बताया। जिनालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने भगवान जिनेन्द्र भगवान का अभिषेक शांतिधारा की। जयकारों के बीच अष्टद्रव्यों से पूजन किया। विधान सजाए गए। सुबह अभिषेक, शांतिधारा पूजन का दौर जारी रहा तो शाम को सांस्कृतिक छटा बिखरी।
प्रचार सचिव मनोज जैन आदिनाथ के अनुसार शाम को आरती स्वाध्याय और रात को सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रारम्भ हुए। महामंत्री विनोद जैन टोरड़ी ने बताया कि पहला दिन उत्तम क्षमा के रूप में मनाया गया। जिसमें देवशास्त्र गुरु,चौबीसी तीर्थंकर ,पंचमेरु ,नन्दीश्वरदीप,दशलक्षण का पूजन किया।
शहर में इस वर्ष महावीर नगर विस्तार योजना में मुनि अमित सागर व रिदि्ध-सिदि्ध नगर िस्थत मंदिर में साध्वी सम्मेदशिखर के सा न्निध्य में दशलक्षण पर्व मनाए जाएंगे। बुधवार को जैन मंदिर विस्तार योजना में मुनि अमित सागर ने उत्तम क्षमा धर्म का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि क्षमा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। पर्व की शुरुआत भी क्षमा से हाेती है और समापन भी क्षमा से होती है। क्षमा से बढ़कर कोई तप नहीं है। विश्वशांति की स्थापना के लिए भगवान महावीर के बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। जीवन में क्षमा भाव को आत्मसात करें।
Published on:
31 Aug 2022 11:34 pm
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