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डिग्री होगी डिजीटल, कागजों से मुक्ति

कोटा. राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय से पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स को अब डिजीटल डिग्री शीघ्र मिलेगी।

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कोटा

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Anil Sharma

Sep 24, 2017

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कोटा. राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय से पढ़ाई कर रहे

कोटा . राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू) से पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स को अब डिजीटल डिग्री मिलेगी। नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (एनएडी) योजना के तहत आरटीयू ने इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स से एग्जाम फार्म में आधार नंबर लिखना अनिवार्य कर दिया है। जबकि प्रथम वर्ष के स्टूडेंट्स से प्रवेश फार्म में ही आधार नंबर लिखवाया गया था। इससे अब इन स्टूडेंट्स को डिजीटल डिग्री ऑनलाइन देने में आसानी होगी। वहीं स्टूडेंट्स को डिटेल माक्र्स या डिग्री लेने के लिए कैंपस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्हें घर बैठे ही ऑनलाइन डिग्री या डिटेल माक्र्स मिल जाएंगे। साथ ही इस सिस्टम के बाद नकली डिग्री बनाने वालों पर भी लगाम लग सकेगी तथा डिग्री के प्रमाणित और क्रॉस वैरीफाई करने में भी सुविधा रहेगी। यूजीसी ने नेशनल एकेडमिक डिपोजिटरी के संबंध में जुलाई में सभी यूनिवर्सिटी को इस संबंध में पत्र लिखे थे।

डिजीटल रूप में सुरक्षित
स्टूडेंट्स की डिग्री और डिटेल माक्र्स संबद्ध यूनिवर्सिटी के साथ-साथ नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी यानी नेशनल डिजिटल स्टोर हाउस में सुरक्षित रहेंगे। यह केन्द्र सरकार की नेशनल पॉलिसी का हिस्सा है। सभी यूनिवर्सिटी में यह सिस्टम शीघ्र शुरू होगा। जिससे सर्टिफिकेट सुरक्षित रहेंगे।
इस व्यवस्था से दूसरे विश्वविद्यालय व नौकरी देने वाली कम्पनियों को भी सुविधा रहेगी। वे संबंधित विद्यार्थी व आवेदक की डिग्रियां ऑनलाइन देख सकेंगे। साथ ही फर्जी प्रमाण पत्र पर भी लगाम लगेगी। दस्तावेज की गड़बड़ी थमेगी।

स्टूडेंट्स को यह होगा फायदा
डिग्री व डॉक्यूमेंट खोने का डर नहीं रहेगा।
स्टूडेंट्स कहीं भी प्रमाणपत्रों का सत्यापन करा सकेंगे।
ऑनलाइन एक क्लिक पर सारे दस्तावेज उपलब्ध हो जाएंगे।
डॉक्यूमेंट किसी भी वेबसाइट पर अपलोड करा जा सकेगा।


एनएडी से जोडऩे के लिए यूजीसी के निर्देश पर स्टूडेंट्स की डिग्री व एकेडमिक डॉक्यूमेंट को डिजीटलाइज्ड करने की प्रक्रिया शुरू की है। परीक्षा फार्म के साथ स्टूडेंट्स से आधार नंबर मांगे है। प्रथम वर्ष में तो प्रवेश फार्म पर ही आधार नंबर ले लिए थे।
प्रो. एनपी कौशिक, वाइस चांसलर, आरटीयू