कोटा में डेंगू का कहर लगातार बढ़ रहा है। रोजाना बड़ी संख्या में डेंगू मरीज मिल रहे हैं। ऐसे में राज्य सरकार भी अलर्ट मोड पर है। कोटा में शुक्रवार को डेंगू के 29 मरीज मिले। इनमें 27 शहर व 2 ग्रामीण में मिले। स्क्रब टायफस का शहर में 1 मरीज मिला है।
चिकित्सा निदेशालय ने आदेश जारी कर कोटा में डेंगू नियंत्रण को लेकर कंसलटेंट एमएण्ड चैनरूप सोनी, एपिडिमियोलॉजिस्ट जयपुर द्वितीय डॉ. जालमसिंह राठौड़ व अभिमन्यु सिंह को लगाया है। इधर, चिकित्सा विभाग भी एक्शन मोड पर आ गया है।
सीएमएचओ डॉ. जगदीश सोनी ने जवाहर नगर थानाधिकारी व नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर चालान कार्रवाई के लिए एक टीम सदस्य की मांग की। अब यदि लोगों ने घरों में टंकियों, कूलरों में जमा पानी को तुरंत खाली नहीं किया तो लोगों पर एपिडेमिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। पानी खाली नहीं करने पर 500 रुपए जुर्माना किया जाएगा। सीएमएचओ ने बताया कि कोटा शहर में डेंगू रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान में घरों के बाहर रखी पशुओं के पीने की टंकियों में लार्वा मिल रहा है। जिसे चिकित्सा विभाग की टीमें ने नष्ट कर रही है, लेकिन आमजन को भी अब जागरूक होकर आगे आना होगा और अपने घरों के बाहर रखी टंकियाें, कूलरों को साफ करना होगा।
अब बच्चे भी डेंगू की चपेट में आने लगे
अब छोटे बच्चे भी डेंगू के चपेट में आ रहे हैं। जेके लोन अस्पताल में लगातार मौसमी बीमारी और डेंगू का आउटडोर बढ़ गया है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि ओपीडी 20 प्रतिशत बढ़ गई है। अस्पताल में बच्चों व गायनिक में महिलाओं के लिए नया वार्ड बनाया है। जहां पर पूरी सावधानी बरती जा रही है। मच्छरदानी में बच्चों व गर्भवती महिलाओं का इलाज किया जा रहा है, ताकि डेंगू मच्छर से अन्य मरीजों में इंफेक्शन नहीं फैले। इसके अलावा कूलरों में सुबह-शाम दवा डाली जा रही है। 8 बेड पर मरीजों से फुल हैं। इनमें डेंगू व डेंगू लाइक इलनेस वाले मरीज भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि सभी को पूरी सावधानी बरतने की आवश्यकता है, ताकि मच्छर जनित रोग से बचा जा सके।