
कोटा . उड़ीसा में अफीम उत्पादन पर लगी रोक ने मादक पदार्थ तस्करों का रूट बदल दिया है। दो साल पहले तक उड़ीसा से ट्रेनों के जरिये कोटा और इससे आगे मादक पदार्थों की तस्करी हो रही थी, वहीं गुजरे साल तस्करों का सारा जोर मध्यप्रदेश के जिलों पर रहा। जीआरपी के आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। यही नहीं, बदले हालात में यहां मुकदमों, गिरफ्तारियां और माल बरामदगी में भी इजाफा हुआ है। जीआरपी ने गुजरे साल एनडीपीएस के 26 मुकदमों में 34 तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनसे भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किया। तकरीबन सभी तस्कर एमपी से थे। जाहिर है, अब ज्यादातर तस्करी मध्य प्रदेश से ही हो रही है।
250 किलो मादक पदार्थ जब्त
जीआरपी ने वर्ष 2017 में 34 तस्करों को गिरफ्तार कर उनसे करीब 250 किलो मादक पदार्थ जब्त किया। इनमें 136 किलो डोडा चूरा, 105 किलो गांजा, साढ़े 6 किलो अफीम व 1 किलो 180 ग्राम स्मैक बरामद की है। जबकि 2016 में करीब 186 किलो मादक पदार्थ जब्त किया था। इनमें 101 किलो डोडा चूरा, 75 किलो गांजा, 9 किलो 700 ग्राम अफीम व डेढ़ किलो स्मैक बरामद की थी।
मुकदमे बढ़े, गिरफ्तारी भी
जीआरपी कोटा ने ट्रेन के जरिये हो रही मादक पदार्थ की तस्करी के वर्ष 2017 में 2016 से अधिक मुकदमें दर्ज किए और तस्कर भी अधिक पकड़े। आंकड़ों के अनुसार 2017 में एनडीपीएस के 26 मुकदमे दर्ज कर 34 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। जबकि 2016 में 18 मुकदमे दर्ज हुए थे, 30 तस्करों को गिरफ्तार किया था।
तब और अब
वर्ष 2016 में अधिकतर मादक पदार्थ उड़ीसा के कालाहांडी से तस्करी कर ट्रेनों के जरिये कोटा व अन्य शहरों में पहुंचाया जा रहा था। जीआरपी ने उस साल जितने तस्कर गिरफ्तार किए, अधिकतर उड़ीसा निवासी थे या वहां से मादक पदार्थ लाए थे। मादक पदार्थ तस्करी बढऩे पर उड़ीसा सरकार ने वहां अफीम की पैदावार पर ही रोक लगा दी। ऐसे में अब मध्य प्रदेश के श्योपुर, मंदसौर, श्यामपुरा व सुवासरा समेत अन्य जिलों से यहां बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ पहुंच रहे हैं। पूछताछ में हुए खुलासों के मुताबिक ट्रेनों के जरिये यह मादक पदार्थ दिल्ली व हरियाणा ले जाया जा रहा है।
गाडिय़ों की नियमित चैकिंग
कोटा जीआरपी सीआई गंगासहाय शर्मा ने बताया कि मादक पदार्थों की रोकथाम व धरपकड़ के लिए जीआरपी एसपी के निर्देश पर ट्रेनों व प्लेटफार्म की नियमित चैकिंग की जा रही है। इससे ही 2016 की तुलना में अधिक मुकदमे दर्ज हुए और माल व तस्कर भी अधिक पकड़े हैं। यह काम नियमित जारी है।
Published on:
10 Jan 2018 11:25 am
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