एनटीए की ओर से शनिवार सुबह जेईई मेन का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। परिणाम जारी होते ही कोचिंग नगरी कोटा में खुशी का माहौल छा गया। परीक्षा परिणाम में होनहारों ने फिर सफलता का परचम लहराया है। कोचिंग निदेशकों व शिक्षकों ने टॉपर्स विद्यार्थियों का फूलमाला पहनाकर मुंह मीठा करवाकर स्वागत किया। आतिशबाजी कर डांस किया। टॉप 10 में कोटा कोचिंग से तीन स्टूडेंट, टॉप 100 में 37 से अधिक स्टूडेंट ने जगह बनाई। इससे कोचिंग संस्थानों में जश्न का माहौल रहा। टॉपर्स ने अपनी सफलता का श्रेय कोचिंग की फेकल्टीज, निदेशक व माता-पिता को दिया।
कोशिश रहती थी कि गलतियां नहीं दोहराऊंः मृणाल
एआईआर- 03
पिता : श्रीकांत वैरागड़े
मां : संध्या वैरागड़े
महाराष्ट्र नागपुर निवासी मृणाल श्रीकांत ने जेईई मेन जनवरी सेशन में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 99.96 परसेन्टाइल स्कोर किए थे। एनटीएसई, आरएमओ व कैमेस्ट्री ओलंपियाड (आईएनसीएचओ) क्वालिफाइड मृणाल ने बताया कि स्टडी के दौरान मैं टीचर्स की गाइडलाइंस को पूरी तरह फॉलो कर रहा हूं। जेईई मेन के लिए एनसीईआरटी सिलेबस पर फोकस किया। हर टेस्ट के बाद सेल्फ एनालिसिस करता था और अगले टेस्ट में कोशिश रहती थी कि उन गलतियों को नहीं दोहराऊं। जेईई एडवांस्ड क्रेक कर आईआईटी मुम्बई की सीएस ब्रांच से बीटेक करना चाहता हूं।
हमेशा सवालों की प्रेक्टिस पर जोर दिया : मलय
एआईआर- 04
पिताः भास्कर केड़िया
मांः श्वेता केड़िया
गाजियाबाद निवासी मलय केड़िया ने जेईई मेन जनवरी सेशन में भी 99.99 परसेन्टाइल स्कोर किए थे। मलय ने बताया कि मैंने फिजिक्स व मैथ्स में थ्योरी क्लीयर करने के साथ ही प्रेक्टिस पर ज्यादा जोर दिया। जबकि कैमेस्ट्री में एनसीईआरटी सिलेबस पर फोकस करते हुए तैयारी की। सवालों की प्रेटिक्स बार-बार करता था। जेईई मेन में एनसीईआरटी सिलेबस के अलावा अन्य रेफरेंस बुक की जरूरत नहीं होती। एडवांस में टॉप कर आईआईटी मुम्बई की सीएस ब्रांच से बीटेक करने के बाद फिजिक्स में रिसर्च करना चाहता हूं।
होमवर्क को पूरी गंभीरता से लेता हूं : कौशल
एआईआर- 05
पिताः किरण कुमार विजयवर्गीय
मांः मधुबाला विजयवर्गीय
मूलत: मध्यप्रदेश के राजगढ़ ब्यावरा फिलहाल अहमदाबाद निवासी कौशल विजयवर्गीय ने बताया कि मैं रोज क्लास के बाद जो भी होमवर्क मिलता था, उसको गंभीरता से पूरा करता था। होमवर्क से प्रेक्टिस होने के साथ-साथ डाउट्स भी सामने आते हैं। आप जितने ज्यादा डाउट्स क्लीयर करेंगे, उतनी ही टॉपिक पर आपकी पकड़ मजबूत होगी। बड़े भैया अंशुल आईआईटीयन हैं, उनको देखकर ही मोटिवेट हुआ। कोटा में टीचिंग मैथेडोलॉजी इतनी अच्छी है कि टॉपिक अच्छे से समझ आ जाता है।