5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दशहरा मेला – विंटेज कार बनेगी शोभा, राम बारात में आसमान से होगी पुष्प वर्षा

मेले में इस बार रावण दहन, राम बारात के दौरान आसमान से पुष्पवर्षा का नजारा भी देखने को मिलेगा।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोटा

•

image

Deepak Sharma

•

Updated: 19 Sep 2017, 12:33 AM IST

मेला समिति की बैठक ,

मेला समिति की बैठक ,

कोटा . 124वें राष्ट्रीय मेला दशहरा का आगाज 21 सितम्बर से होगा। मेले में होने वाले कार्यक्रमों को लेकर सोमवार को निगम के प्रशासनिक भवन स्थित सभागार में मेला आयोजन समिति की बैठक हुई। मेला प्रचार प्रसार समिति अध्यक्ष कृष्ण मुरारी सामरिया ने बताया कि मेले में इस बार रावण दहन, राम बारात के दौरान आसमान से पुष्पवर्षा का नजारा भी देखने को मिलेगा। एक निजी कंपनी ने बैठक में समिति के समक्ष यह प्रस्ताव रखा, जिसे पारित कर दिया है। इस बार विंटेज कार भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। बैठक में गाजियाबाद के एक व्यापारी ने सर्कस व डिजनीलैंड लगाने के लिए प्रस्ताव दिया। इस पर अंतिम निर्णय मंगलवार को किया जाएगा।

Read More: OMG! राजस्थान में पीना है पानी तो पहले दिखाना पड़ेगा आधार कार्ड
बैठक के दौरान मेले की दुकानों का आवंटन लॉटरी प्रक्रिया से करने, सर्कस व डिजनीलैंड लगवाने, रंगमंच पर सिर्फ कलाकारों के वाहनों की एंट्री सहित कई बिंदुओं पर चर्चा की गई। महापौर महेश विजय, उप महापौर सुनीता व्यास की मौजूदगी में मेला आयोजन समिति अध्यक्ष राम मोहन मित्रा व सदस्यों ने सुझाव दिए। नेता प्रतिपक्ष अनिल सुवालका ने कहा कि मेला आयोजन सफलतापूर्वक हो इसके लिए विपक्ष सकारात्मक तरीके से साथ है। बैठक में उपायुक्त राजेश डागा, अतिरिक्त मेला अधिकारी प्रेम शंकर शर्मा, मेला सदस्य रमेश चतुर्वेदी, नरेन्द्र हाड़ा, प्रकाश सैनी, महेश गौतम लल्ली, भगवान स्वरूप गौतम, विकास तंवर, मीनाक्षी खंडेलवाल, मोनू कुमारी मेघवाल, पार्षद रमेश आहूजा, विनोद नायक आदि मौजूद थे।

Read More: अध्यक्ष पद से नामांकन खारिज किया तो निर्वाचन अधिकारी को ही कर ड़ाला ताले में बंद


मेला अधिकारी रुचि नहीं ले रहे तो जिम्मेदारी छोड़ दें
मित्रा ने कहा कि मेले में चंद दिन बचे हैं, लेकिन अभी तक कई कार्यक्रमों का फाइनल नहीं हुआ। दुकानों के आवंटन में देरी हो रही है। मित्रा ने मेलाधिकारी नरेश मालव पर रुचि नहीं लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि उन्हें रुचि नहीं है तो वह जिम्मेदारी छोड़ दें। मेलाधिकारी की बेरुखी का खामियाजा मेला समिति क्यों भुगते। कई झूले वाले उनके पास आ रहे हैं और शिकायत कर रहे हैं कि 10 दिन से चक्करलगा रहे हैं, लेकिन मेला अधिकारी फाइलों पर साइन नहीं कर रहे।