भोजन पौष्टिक व गुणवत्तापूर्ण है या नहीं तथा मीनू अनुसार भोजन दिया जा रहा या नहीं। योजना को पारदर्शी एवं बच्चों को पौष्टिक आहार मुहैया करवाने की मंशा से माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से अब नई पहल की गई है। जिसके तहत संस्था प्रधान या मिड डे मील प्रभारी को रोजाना अतिथि के रूप में पांच विद्यार्थियों की माताओं को स्कूल में बुलाकर उन्हें भोजन की जांच करवाई जाएगी। वे मिड डे मील परोसने के समय स्कूल आएंगी और भोजन चखकर उसकी गुणवत्ता की जांच करेगी। कमी होने पर सुधार के लिए भी अवगत कराएंगी। हालांकि माताओं के लिए यह निरीक्षण ऐच्छिक होगा। उल्लेखनीय है कि सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को प्रतिदिन पौष्टिक पोषाहार मिले, इसके लिए विभाग की ओर से मिड डे मील योजना में प्रतिदिन पोषाहार मीनू तय किया गया है।