कोटा

OMG! जेईएन देर रात जीएसएस का गेट बजाती रही, अंदर इंजीनियर-कर्मचारी मजे से ‘सोते’ रहे

जयपुर डिस्काम में कैथून जेईएन 33 केवी लाइन को ठीक करने के बाद उसे चालू कराने के लिए रात एक बजे जीएसएस का गेट आधा घंटे तक पीटती रही। लेकिन अन्दर मौजूद अभियंता व कर्मचारियों ने एक न सुनी और आराम फरमाते रहे।

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May 31, 2017

जनता के लिए अति आवश्यक सेवा में शामिल बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए जयपुर डिस्कॉम व राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम के अधिकारियों में कितना समन्वय है, इसकी बानगी सोमवार देर रात देखने को मिली।

जयपुर डिस्काम में कार्यरत कैथून जेईएन कैथून की 33 केवी लाइन को ठीक करने के बाद उसे चालू कराने के लिए रात एक बजे प्रसारण निगम के 132 केवी जीएसएस का गेट आधा घंटे तक पीटती रही। लेकिन अन्दर मौजूद अभियंता व कर्मचारियों ने एक न सुनी और आराम फरमाते रहे। आखिरकार जेईएन को लाइन बिना चालू करवाए ही लौटना पड़ा। जेईएन मंगलवार सुबह 10 बजे फिर से जीएसएस पहुंची। पहले जंपर ठीक किया तथा इसके बाद यह लाइन चालू हो सकी।

सोमवार रात आई आंधी व बरसात के दौरान आईए जीएसएस से कैथून को विद्युत आपूर्ति कर रही 33 केवी लाइन का तार डीसीएम चौराहे के पास टूट गया। इससे कैथून की सप्लाई बंद हो गई। तार टूटने से इस लाइन पर 132 केवी जीएसएस के अंदर फाल्ट आया और जंपर जल गया।

इस पर कैथून जेईएन फूलकंवर ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कैथून की बिजली चालू की तथा रात 10 बजे आईए जीएसएस पहुंची। शटडाउन लेकर बाहर टूटे तारों को ठीक करवाया। रात करीब 1 बजे तार ठीक करने के बाद जेईएन लाइन को चालू करवाने तथा अंदर टूटे जंपर को जुड़वाने के लिए फिर से आईए जीएसएस पहुंची तो गेट बंद था। वो गेट खोलने के लिए उसे पीटती रही, लेकिन किसी ने नहीं सुनी।

प्रसारण के एसई की सफाई

राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम के एसई सीताराम ने कहा कि जेईएन सुरेन्द्र गौतम जीएसएस पर तैनात था। उसका कहना है कि जेईएन फूलकंवर रात 10 बजे जीएसएस आई थी। पहले तो जेईएन प्रसारण निगम को ही जंपर जोडऩे के लिए कहने लगी। जब उन्हें बताया कि यह काम जयपुर डिस्कॉम का है तो वह यह कहकर लौट गई कि अभी कैथून को वैकल्पिक तरीके से चालू करवा दिया है, लाइन को मंगलवार सुबह ठीक करेंगे।

मैंने लिखित शटडाउन लिया है

इधर जेईएन फूलकंवर ने बताया कि जब वह आईए जीएसएस गई तो उनके साथ कर्मचारी नहीं थे। अंदर जंपर जला था तथा बाहर तार टूटे हुए थे। उन्होंने इस लाइन का लिखित शटडाउन लिया तथा कर्मचारियों को बुलाकर बाहर तार जुड़वाने चली गई। रात करीब एक बजे शटडाउन लौटाने आई तो किसी ने आईए जीएसएस का गेट नहीं खोला। मोबाइल नम्बर 94133-91083 पर कई बार कॉल किए, लेकिन किसी ने फोन भी अटेण्ड नहीं किया। एेसे में बिना लाइन को चालू करवाए ही लौटना पड़ा।

लाइन को इसलिए रात में ठीक किया गया कि जनता को परेशानी नहीं हो, जब लाइन ठीक कर दी तो उसे चालू करवाने भी आएंगे ही। गेट नहीं खोलना

व फोन अटेण्ड नहीं करना सही नहीं है। इस मामले में प्रसारण निगम के उच्चाधिकारियों को शिकायत दर्ज करवाकर जांच की मांग की जाएगी।

आर.सी.शर्मा, एक्सईएन, विद्युत निगम कोटा

Published on:
31 May 2017 07:13 am
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