
कोटा . इस वाटर कूलर से पानी नहीं भरें, इसमें करंट आ रहा है। यह चिट किसी प्याऊ या सार्वजनिक स्थान पर धर्मादे में लगे वाटर कूलर पर नहीं, संभाग के सबसे बड़े अस्पताल एमबीएस में लगे वाटर पर लगा है। जिस अस्पताल पर संभाग भर के लोगों के दुख-बीमारियां दूर करने का दारोमदार है, वही रोगियों और तीमारदारों को झटके देने में लगा है। और, खास बात ये कि 15 दिन से ज्यादा समय से ये चिट लगा है और अस्पताल अधीक्षक को जानकारी ही नहीं। वे कह रहे हैं कि ऐसा है तो दिखवाएंगे।
संभाग के सबसे बड़े चिकित्सालय एमबीएस में कई वाटर कूलर खराब पड़े हैं। जो चालू हैं उनमें पर्याप्त पानी नहीं आ रहा। इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में लगे वाटर कूलर में पानी भरने के साथ ही तीमारदार व मरीज को करंट के झटके खाने पड़ रहे हैं। नर्सिंग स्टाफ ने 15-20 दिन पहले वाटर कूलर के पास चिट लगा दी। इस पर लिखा है कि 'वाटर कूलर से पानी नहीं भरें, इसमें करंट आ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए अस्पताल प्रशासन को शिकायत भी कर रखी है लेकिन समाधान नहीं हो रहा है।
ताक में शुद्धता : पिला रहे सीधा बोरिंग का पानी
गर्मी बढऩे के साथ ही एमबीएस में पानी की किल्लत होने लगी है। एमबीएस में पीने का पानी सीधा ही बोरिंग से आ रहा है। पानी को साफ करने के लिए कहीं भी फिल्टर प्लांट नहीं, ना ही वाटर कूलर में आरो लगे हैं। लोगों को शुद्ध पानी की सीख देने वाला चिकित्सा विभाग ही मरीजों को अशुद्ध पानी दे रहा है।
आउटडोर के बाहर लगा वाटर कूलर कई माह से खराब है। उसे ऐसे स्थान पर लगा दिया जहां पानी का कोई निकास नहीं है।एमबीएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पीके तिवारी ने बताया कि वाटर कूलर में करंट है तो दिखवाते हैं, जो वाटर कूलर खराब है उन्हें ठीक करवा देंगे।
Updated on:
6 Mar 2018, 10:49 AM IST
Published on:
6 Mar 2018, 10:49 AM IST
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