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Rajasthan Mandi News: एशिया की बड़ी मंडी के लिए केंद्र सरकार ने दी खुशखबरी, अब 50000 करोड़ रुपए का होगा कारोबार

Krishi Upaj Mandi: केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद राजस्थान की बड़ी कृषि मंडियों में शामिल कोटा की भामाशाह मंडी के विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। मंडी के विस्तार के साथ यहां आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे किसानों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

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कोटा

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Akshita Deora

Mar 19, 2026

Krishi Upaj Mandi

फोटो: पत्रिका

Kota's Bhamashah Mandi Expansion: एशिया की बड़ी कृषि उपज मंडियों में शामिल कोटा की भामाशाह कृषि उपज मंडी के विस्तार को केन्द्र सरकार की हरी झंडी मिल गई है। वर्षों से लंबित मंडी के विस्तार को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की 89वीं स्थायी समिति की बैठक में महत्वपूर्ण मंजूरी मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में हर्ष की लहर है। अब मंडी का 96 हैक्टेयर भूमि में विस्तार होगा।

वर्तमान में मंडी 350 बीघा में फैली हुई है। विस्तार के बाद कोटा कृषि विपणन (एग्रो बिजनेस) का बड़ा सेन्टर बनेगा। इससे न केवल राजस्थान बल्कि मध्यप्रदेश के किसान भी लाभान्वित होंगे। मध्यप्रदेश के भी करीब एक दर्जन जिलों के किसान यहां कृषि जिंस विपणन के लिए आते हैं। इसकी मुख्य वजह है कि इस मंडी में बड़े खरीदार आने से किसानों को अपेक्षाकृत अधिक दाम मिलता है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निरन्तर प्रयासों से मिली सफलता से हाड़ौती क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों और कृषि अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। भामाशाह मंडी के विस्तार से भंडारण, विपणन और परिवहन सुविधाएं बेहतर होंगी। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और व्यापारियों को आधुनिक ढांचा उपलब्ध होगा।

मंडी में रेलवे यार्ड बनेगा, एग्रो प्रोसेसिंग इकाइयां भी लगेंगी

केन्द्र सरकार ने भामाशाहमंडी के विस्तार की जो सौगात दी है, वह कोटा के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। मंडी विस्तार के लिए एक दशक से लगातार प्रयास किए जा रहे थे, लम्बी प्रक्रिया के बाद विस्तार को मंजूरी मिली है। आने वाले समय में भामाशाहमंडी सबसे बड़ा एग्रो बिजनेस हब बनेगा। मंडी का 96 हैक्टेयर में विस्तार होगा, जो वर्तमान मंडी से दोगुने से भी अधिक क्षेत्रफल हो जाएगा। वर्तमान में मंडी का सालाना टर्नओवर 8000 करोड़ का है, जो मंडी विस्तार के बाद 50 हजार करोड़ तक पहुंच सकता है।

मौजूदा मंडी के परिसर को केवल कार्यालय उपयोग के लिए काम में लिया जाना प्रस्तावित है। मंडी के भीतर रेलवे ट्रैक होगा और रेलवे यार्ड बनेगा। इससे माल परिवहन आसान होगा और शहर को भी भारी वाहनों की समस्या से निजात मिलेगा। मंडी में एग्रो प्रोसेसिंग और ग्रेडिंग इकाइयां लगाया जाना प्रस्तावित है। साथ ही, ऑन व्हील्स ऑक्शन सिस्टम लागू किया जाएगा, जिसमें किसानों को अपने माल को मंडी में खाली करने की जरूरत नहीं होगी। गाड़ी में ही माल की तुलाई हो जाएगी। इस तरह के इलेक्ट्रॉनिक कांटे लगाए जाएंगे। स्मार्ट मंडी टर्मिनल होगा। जहां किसानों के लिए ट्रेनिंग सेन्टर भी होंगे, सभी सुविधाएं हाईटैक उपलब्ध रहेंगी।

एक-एक लाख की क्षमता के छायादार यार्ड बनाए जाएंगे। अनाज से भरे वाहनों को शहर में आने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। भामाशाह मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेस-वे से जुड़ गई है, जल्द ही मंडी तक रेल कनेक्टिविटी होगी और हवाई सेवा से जुड़ी जाएगी। इस तरह के नेटवर्क वाली देश की पहली मंडी होगी। मंडी विस्तार कोटा की अर्थव्यवस्था के लिए बूस्टर डोज का काम करेगा। राजस्थान के अलावा आधे मध्यप्रदेश के किसान यहां माल लेकर आने लगेंगे।

टॉपिक एक्सपर्ट, अविनाश राठी, अध्यक्ष, कोटा ग्रेन एण्ड सीड्स मर्चेन्ट्स एसोसिशन

जाम और लम्बे इंतजार से मिलेगी मुक्ति

भामाशाह मंडी में हाड़ौती के साथ मध्यप्रदेश से जुड़े किसान भी उपज बेचने के लिए आते हैं। सीजन के दौरान मंडी में प्रवेश के लिए वाहनों की लम्बी कतार लगने से किसानों को इंतजार के साथ परेशानी झेलनी पड़ती है। साथ ही, आवक के मुकाबले मंडी में पर्याप्त शेड नहीं होने से बारिश में उपज खराब होने का खतरा रहता है। विस्तार के साथ ही मंडी में कारोबार में कई गुना की वृद्धि होगी, राष्ट्रीय राजमार्ग 27 से भी मंडी सीधी जुड़ जाएगी, इससे जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी और किसानों को उपज बेचने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

अर्से से अटका था मामला

मंडी से जुडी वन भूमि के कारण विस्तार का मामला सालों से लम्बित था। विस्तार की स्वीकृति मिली तो फिर वन क्षेत्र से गुजर रहे राजमार्ग के किनारे एक किमी तक पौधारोपण से जुड़े नियमों के कारण विस्तार फिर से से अटक गया। दिल्ली में स्पीकर बिरला और केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव के बीच हुई बैठकों के बाद नियम में शिथिलता के लिए सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) में आवेदन किया गया था। इसके बाद कमेटी ने कोटा बायपास निर्माण के दौरान निर्धारित ग्रीन बेल्ट से जुड़ी शर्तों में संशोधन कर स्वीकृति दे दी, जिससे लगभग 96 हैक्टेयर क्षेत्र के लिए लैंड डायवर्जन का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

पत्रिका की मुहिम रंग लाई

राजस्थान पत्रिका की ओर से भामाशाहमंडी के विस्तार को लेकर लम्बे समय से अभियान चल रखा था। सीजन में किसानों को कई दिनों तक गर्मी-सर्दी में सड़क पर रात बिताने को विवश होना पड़ता था। पत्रिका ने किसानों की पीड़ा को प्रमुखता से उठाया। इसके बाद लम्बित चल रही प्रक्रिया में तेजी आई। कोटा ग्रेन एण्ड सीड्स मर्चेन्ट्स एसोसिएशन ने मंडी विस्तार की स्वीकृति मिलने पर राजस्थान पत्रिका का आभार जताया है।

सपना साकार हुआ

वाइल्ड लाइफ के निर्णय की सूचना मिलने के बाद कोटा सीड्स एंड ग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने लड्डू बांटकर और आतिशबाजी कर जश्न मनाया। एसोसिएशन अध्यक्ष अविनाश राठी ने कहा कि जो सपना देखा था, वो साकार हुआ। हम सभी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का आभार व्यक्त करते हैं।

भामाशाह मंडी का विस्तार हाड़ौती क्षेत्र के किसानों के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मंडी विस्तार से किसानों की सुविधा के साथ व्यापार सुगम होगा। साथ ही, क्षेत्र की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी। आने वाले वर्षों में कोटा की भामाशाह मंडी देश की सबसे आधुनिक कृषि मंडियों में शामिल होगी और हाड़ौती के लाखों किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
ओम बिरला, लोकसभा अध्यक्ष